महत्त्वपूर्ण संस्थान/संगठन

ब्रिक्स | 02 Aug 2019 | विविध

ब्रिक्स दुनिया की पाँच अग्रणी उभरती अर्थव्यवस्थाओं- ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह के लिये एक संक्षिप्त शब्द (Abbreviation) है।

संरचना

मुख्य विशेषताएँ

शुरुआत

मार्च 2011 में दक्षिण अफ्रीका ने पहली बार चीन के सान्या में तीसरे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया।

उद्देश्य

सहयोग के क्षेत्र

1. आर्थिक सहयोग

2. पीपल-टू-पीपल एक्सचेंज

3. राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग

4. सहयोग तंत्र

सदस्यों के बीच निम्नलिखित माध्यमों से सहयोग किया जाता है:

ट्रैक I: राष्ट्रीय सरकारों के बीच औपचारिक राजनयिक जुड़ाव।

ट्रैक II: सरकार से संबद्ध संस्थानों के माध्यम से संबंध, उदाहरण के लिये राज्य के स्वामित्व वाले उद्यम और व्यापार परिषद।

ट्रैक III: सिविल सोसायटी और पीपल-टू-पीपल कॉन्टेक्ट।

वैश्विक संस्थागत सुधारों पर ब्रिक्स का प्रभाव

न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB)

आकस्मिक रिज़र्व व्यवस्था

(Contingent Reserve Arrangement)

चुनौतियाँ

भारत के लिये महत्त्व

अन्य

पाँच देशों के आर्थिक मुद्दों से शुरुआत करते हुए ब्रिक्स का एजेंडा साल-दर-साल बढ़ा है। इसमें हर साल नए वैश्विक मुद्दे शामिल किये जाते हैं। ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन से इतर विदेश, वित्त, व्यापार, स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के मंत्रियों की भी बैठकें होती हैं।

BRICS SUMMIT

[ब्रिक्स देशों का 11वाँ शिखर सम्मेलन 13-14 नवंबर 2019 को ब्रासीलिया (ब्राज़ील) में आयोजित होगा]