आर्थिक सर्वेक्षण

अध्याय: 5 | 04 Nov 2019 | भारतीय अर्थव्यवस्था

मत्स्य न्याय का समापनः निचली न्यायपालिका की क्षमता कैसे बढाएं

प्रस्तावना

ज़िला और अधीनस्थ न्यायालयों (District and Subordinate Courts) में कुल लंबित मामलों के87.54 प्रतिशत मामले हैं, इस अध्याय में इस संदर्भ पर प्रकाश डाला जाएगा तथा निपटान अवधि, लंबित अवधि, मामलों के प्रकारों और मामला निस्तारण दर जैसे मानकों के संबंध में इसके निष्पादन का मूल्यांकन किया जाएगा। इस अध्याय में 100 प्रतिशत निस्तारण दर हासिल करने तथा अगले पाँच वर्षों में लंबित मामलों के स्टॉक को समाप्त करने के लिये न्यायालयों के विभिन्न स्तरों पर अतिरिक्त न्यायाधीशों की आवश्यकता और कार्यक्षमता वर्द्धन का विश्लेषण भी किया जाएगा।

परिचय

भारतीय न्याय व्यवस्था (Indian Judicial System):

लंबित मामले

Pendency

pending cases

निपटान

Disposal

मामला निस्तारण दर

Case Clearance Rate (CCR)

विधिक गतिरोध को समाप्त करना

Clearing the Legal Logjam

Supreme Court High Court D&S Court
Pendency 56.2 Lakh 40.22 Lakh 3.04 Crore
Case Clearance Rate 98% 88% 89%
Annual Disposal Rate (per judge) 1,179 case 2,348 case 746 case
Additional Judges required to achieve 100% Clearance in a year 1 93 2279
Additional Judges required to clear all backlog in 5 years. 8 361 8,152


भारतीय न्यायालयों को और अधिक कार्यशील बनाना

दक्षता और रिक्तियाँ भारतीय न्यायिक प्रणाली के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले दो महत्त्वपूर्ण मुद्दे हैं और इसमें सुधार की पर्याप्त गुंजाइश है। इनके अलावा, न्यायपालिका के प्रदर्शन को बेहतर बनाने हेतु कुछ सुझावों पर नीचे चर्चा की गई है।

  1. न्यायपालिका द्वारा आवश्यक प्रशासनिक सहायता प्रदान करना
  2. प्रक्रिया की अक्षमताओं की पहचान करना और कानूनी सुधारों पर न्यायपालिका को सलाह देना
  3. प्रक्रिया पुनःअभियांत्रिकी का क्रियान्वयन।

eCourts परियोजना:

राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड

मेन्स के लिये कीवर्ड

मत्स्य न्याय थ्योरी: अराजकता की अवधि में, जब कोई शासक नहीं होता है, शक्तिशाली व्यक्ति कमजोर व्यक्ति को नष्ट करता है, जैसे- सूखे की अवधि में बड़ी मछली छोटी मछली खाती है। इस प्रकार, एक शासक की आवश्यकता को निरपेक्ष रूप में देखा गया था। बस, हम इसे मछली / जंगल का नियम कहते हैं।

महत्त्वपूर्ण तथ्य और रुझान

नोट: रुझानों पर ध्यान दें और सटीक आंकड़ों पर नहीं।

मेन्स के लिये महत्त्वपूर्ण प्रश्न

Q1. "भारत में व्यापार करने में आसानी के लिये सबसे बड़ी बाधा अब अनुबंधों को लागू करने और विवादों को हल करने की क्षमता है।" उपरोक्त कथन के संदर्भ में, जाँच करें कि हमारे देश में कानूनी लॉगजाम को कैसे दूर किया जा सकता है?

Q2. देश की आर्थिक सफलता और समृद्धि इसके न्यायिक और कानूनी परिदृश्य से निकटता से जुड़ी हुई है। अर्थव्यवस्था पर मामलों की पेंडेंसी के निहितार्थ पर चर्चा करें?