विश्व हिंदी दिवस | 13 Jan 2026
CSIR-राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान द्वारा तकनीकी हिंदी और समावेशी विज्ञान की पहुँच को बढ़ावा देने के लिये भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर के सहयोग से तीसरी तकनीकी हिंदी संगोष्ठी "अभ्युदय-3" आयोजित की गई।
- अभ्युदय-3 ने भारतीय भाषाओं, विशेष रूप से हिंदी के माध्यम से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की पहुँच का विस्तार करने के भारतीय प्रयास को दर्शाया, जो हिंदी के वैश्विक और कार्यात्मक उपयोग को मज़बूत करने के विश्व हिंदी दिवस के लक्ष्य के साथ संरेखित है।
- विश्व हिंदी दिवस: 10 जनवरी को प्रतिवर्ष विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1975 में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन नागपुर में राष्ट्र भाषा प्रचार समिति, वर्द्धा (महात्मा गांधी द्वारा स्थापित संगठन) के तत्त्वावधान में आयोजित किया गया था।
- विश्व हिंदी दिवस का आधिकारिक आयोजन वर्ष 2006 से शुरू हुआ, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा इसकी घोषणा की गई, जो 14 सितंबर को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय हिंदी दिवस से अलग है।
- राष्ट्रीय हिंदी दिवस: यह वर्ष 1949 में संविधान सभा द्वारा देवनागरी लिपि में हिंदी को भारत की एक आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने की स्मृति में मनाया जाता है।
- हिंदी भाषा: ‘हिंदी’ शब्द की उत्पत्ति फारसी शब्द 'हिंद' से हुई है, जिसका अर्थ है 'सिंधु नदी की भूमि' और यह भाषा संस्कृत से विकसित हुई है, जिसका उपयोग 11वीं शताब्दी के प्रारंभ में तुर्क आक्रमणकारियों द्वारा क्षेत्रीय भाषा का वर्णन करने के लिये किया गया था।
- यह भारत की आधिकारिक भाषाओं में से एक है, जिसमें अंग्रेज़ी को दूसरा स्थान प्राप्त है, यह मॉरिशस, फिजी, सूरीनाम, गुयाना, त्रिनिदाद एवं टोबैगो और नेपाल जैसे देशों में भी बोली जाती है।
- हिंदी संस्कृत से प्राकृत और अपभ्रंश के रूप में विकसित हुई, जिसमें खड़ी बोली इसका प्रत्यक्ष आधार बनी। बाद में इसमें फारसी और अरबी के शब्दों को शामिल किया गया।
- आधुनिक देवनागरी लिपि ने 11वीं शताब्दी में आकार लिया, जिसने हिंदी को इसकी वर्तमान लिखित संरचना प्रदान की।
- हिंदी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, अंग्रेज़ी और चीनी भाषा के बाद, जिसे लगभग 600 मिलियन लोग बोलते हैं। UNESCO ने वर्ष 1948 में हिंदी को एक आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता प्रदान की, इसका सर्वप्रथम वर्ष 1949 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उपयोग किया गया।
- हिंदी भाषा से संबंधित संवैधानिक प्रावधान:
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अनुच्छेद |
प्रावधान |
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अनुच्छेद 343 |
देवनागरी लिपि में हिंदी को संघ की आधिकारिक भाषा के रूप में घोषित करता है; आधिकारिक उद्देश्यों के लिये अंग्रेज़ी के निरंतर उपयोग की अनुमति देता है। |
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अनुच्छेद 344 |
एक भाषा आयोग और संसदीय समिति प्रदान करता है ताकि हिंदी के प्रगतिशील उपयोग की समीक्षा और अनुशंसा की जा सके। |
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अनुच्छेद 351 |
संघ को हिंदी के प्रसार और विकास को बढ़ावा देने, इसे संस्कृत और अन्य भारतीय भाषाओं से समृद्ध करने का निर्देश देता है। |
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अनुच्छेद 120 |
संसद में हिंदी या अंग्रेज़ी के उपयोग की अनुमति देता है, अन्य भाषाओं की अनुमति अध्यक्ष की अनुमति से है। |
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अनुच्छेद 210 |
राज्य विधायिका कार्यवाह प्रक्रिया में हिंदी या अंग्रेज़ी या राज्य की आधिकारिक भाषा के उपयोग की अनुमति देता है। |
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