WHO द्वारा R21/मैट्रिक्स-M मलेरिया वैक्सीन की पूर्व-योग्यता | 23 Dec 2023

स्रोत: द हिंदू  

मलेरिया की वैश्विक रोकथाम में एक महत्त्वपूर्ण विकास को लक्षित करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा  हाल ही में R21/मैट्रिक्स-M मलेरिया वैक्सीन को अपनी पूर्व-योग्य (Prequalified) टीकों की सूची में जोड़ा गया है।

  • ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित तथा सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित, यह टीका बच्चों में मलेरिया को रोकने में आशाजनक है।
  • R21/मैट्रिक्स-M वैक्सीन WHO की पूर्व-योग्यता प्राप्त करने वाली दूसरी मलेरिया वैक्सीन बन गई है, पहली वैक्सीन RTS, S/AS01 थी। 

WHO की पूर्व-योग्यता का क्या महत्त्व है?

  • WHO द्वारा R21 वैक्सीन की पूर्व-योग्यता उक्त वैक्सीन की सुरक्षा तथा प्रभावकारिता के सशक्त आश्वासन के रूप में कार्य करता है।
    • जो उत्पाद WHO की पूर्व-योग्यता प्राप्त कर लेते हैं, वे विश्वसनीयता प्राप्त कर लेते हैं तथा अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में अधिक सरलता से स्वीकार किये जाते हैं क्योंकि WHO उनकी सुरक्षा, प्रभावशीलता तथा विनिर्माण अनुपालन का मूल्यांकन करने के लिये कठोर अंतर्राष्ट्रीय मानकों को लागू करता है।
  • संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (United Nations Children's Fund- UNICEF) जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा खरीद के लिये अमूमन WHO की पूर्व-योग्यता को एक शर्त के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
    • यह किसी वैक्सीन के वैश्विक टीकाकरण कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना को बढ़ाता है, जिससे व्यापक पहुँच सुनिश्चित होती है।
  • WHO की पूर्व-योग्यता गावी (Gavi) समर्थन हासिल करने में सहायक है, जो सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों में टीकाकरण कार्यक्रमों के कार्यान्वयन को सक्षम बनाता है।
    • गावी, वैक्सीन एलायंस, वर्ष 2000 में गठित किया था, जिसका उद्देश्य विकासशील देशों में टीकों के नियोजन के लिये धन सहायता प्रदान करना है।

मलेरिया क्या है?

  • परिचय:
    • यह प्लाज़्मोडियम परजीवियों के कारण होने वाला एक जानलेवा मच्छर जनित रक्त रोग है। यह रोकथाम योग्य तथा उपचार योग्य है।
      • मुख्य रूप से यह अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका तथा एशिया के उष्णकटिबंधीय एवं उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है।
    • मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलता है, जिसमें परजीवी यकृत में पहुँचकर लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करते हैं।
      • मलेरिया फैलाने वाली पाँच परजीवी प्रजातियों में से प्लाज़्मोडियम फाल्सीपेरम तथा प्लाज़्मोडियम विवैक्स मानव स्वास्थ्य के लिये सबसे अधिक घातक हैं।
    • मलेरिया के लक्षणों में ज्वर तथा फ्लू जैसी व्याधियाँ शामिल है, जिसमें ठंड लगने के साथ कंपकंपी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द एवं थकान शामिल हैं।
  • व्यापकता:
    • मलेरिया अफ्रीकी क्षेत्र में बच्चों को विशेष रूप से प्रभावित करता है, जहाँ प्रत्येक वर्ष लगभग पाँच लाख बच्चों की इस बीमारी से मृत्यु हो जाती है।
    • वर्ष 2022 में विश्व में मलेरिया के लगभग 249 मिलियन अनुमानित मामले थे तथा 85 देशों में कुल 6,08,000 मौतें मलेरिया से हुईं।
  • मलेरिया की रोकथाम हेतु पहल:

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न  

प्रिलिम्स: 

प्रश्न1. क्लोरोक्वीन जैसी दवाओं के लिये मलेरिया परजीवी के व्यापक प्रतिरोध ने मलेरिया से निपटने हेतु एक मलेरिया वैक्सीन विकसित करने के प्रयासों को प्रेरित किया है। एक प्रभावी मलेरिया टीका विकसित करना कठिन क्यों है? (2010)

(a) मलेरिया प्लाज़्मोडियम की कई प्रजातियों के कारण होता है।
(b) प्राकृतिक संक्रमण के दौरान मनुष्य मलेरिया के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित नहीं करता है।
(c) टीके केवल बैक्टीरिया के खिलाफ विकसित किये जा सकते हैं।
(d) मनुष्य केवल एक मध्यवर्ती मेज़बान है, निर्धारित मेज़बान नहीं है।

उत्तर: B