यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन | 24 Aug 2022

हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमण्डल ने 9-27 अगस्त, 2021 को आबिदजान (कोटे डी आइवर) में आयोजित यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की 27वीं कांग्रेस के दौरान हस्ताक्षरित संविधान के ग्यारहवें अतिरिक्त प्रोटोकॉल में संपन्न संविधान संशोधन के अनुमोदन को मंज़ूरी दे दी है।

अनुमोदन का महत्त्व:

  • यह अनुमोदन भारत सरकार के डाक विभाग को भारत के महामहिम राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित “अनुमोदन के प्रपत्र” की प्राप्ति और इस प्रपत्र को यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन केअंतर्राष्ट्रीय राष्ट्रीय ब्यूरो के महानिदेशक के पास जमा करने हेतु समर्थ बनाता है।
    • इसके अलावा यह यूपीयू संविधान के अनुच्छेद 25 और 30 में वर्णित दायित्वों को पूरा करेगा जो सदस्य देशों द्वारा किसी कांग्रेस द्वारा पारित किये गए संविधान में संशोधन के जल्द से जल्द अनुमोदन का प्रावधान करता है।
    • यह संसोधन कई लंबे समय से चली आ रही विसंगतियों को हल करेगा और संधियों के कानून पर वियना अभिसमय, 1969 के अनुरूप अधिनियमों की स्वीकृति या अनुमोदन के प्रावधानों को समायोजित करेगा।
      • संधियों के कानून पर वियना अभिसमय, देशों के बीच संधियों को नियंत्रित करने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता जिसे संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय विधि आयोग द्वारा तैयार किया गया था और 23 मई, 1969 को अपनाया गया था, तथा जो 27 जनवरी, 1980 को लागू हुआ।

यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन

  • इसका गठन वर्ष 1874 में किया गया था और इसका मुख्यालय स्विज़टरलैंड के बर्न में स्थित है।
  • यह संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक विशेष एजेंसी है जो विश्वव्यापी डाक प्रणाली के अलावा सदस्य देशों के बीच डाक नीतियों का समन्वय करती है।
  • यह दुनिया भर में दूसरा सबसे पुराना अंतर्राष्ट्रीय संगठन है।
  • इसकी चार इकाइयाँ निम्नलिखित हैं-
    • काॅन्ग्रेस।
    • प्रशासन परिषद।
    • अंतर्राष्ट्रीय ब्यूरो।
    • डाक संचालन परिषद।
  • यह टेलीमैटिक्स और एक्सप्रेस मेल सर्विस (EMS) सहकारी समितियों की भी देखरेख करता है।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ का कोई भी सदस्य देश UPU का सदस्य बन सकता है।
  • संयुक्त राष्ट्र का कोई भी गैर-सदस्य देश UPU का सदस्य बन सकता है बशर्ते कि उसका अनुरोध UPU के कम से कम दो-तिहाई सदस्य देशों द्वारा अनुमोदित हो।
  • अपने 192 सदस्य देशों के साथ, संगठन सलाहकार, मध्यस्थता और संपर्क भूमिका को पूरा करता है, और जहाँ आवश्यक हो वहाँ तकनीकी सहायता प्रदान करता है।
  • संघ अंतर्राष्ट्रीय मेल विनिमय के लिये नियम निर्धारित करता है एवं मेल, पार्सल और वित्तीय सेवाओं की मात्रा में वृद्धि को प्रोत्साहित करने और ग्राहकों के लिये सेवा की गुणवत्ता में सुधार करने की  सिफारिशें करता है।
  • भारत वर्ष 1876 में UPU में शामिल हुआ।

स्रोत:पी.आई.बी.