केंद्रीय बजट वर्ष 2026-27 में केमिकल पार्क्स को प्रोत्साहन | 07 Feb 2026

स्रोत: पीआईबी

चर्चा में क्यों?

केंद्रीय बजट वर्ष 2026-27 में केमिकल पार्क अवसंरचना के लिये पहली बार समर्पित बजटीय सहायता की घोषणा की गई है। इसके अंतर्गत ₹600 करोड़ की एक चैलेंज-आधारित योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके माध्यम से राज्यों को तीन केमिकल पार्क्स की स्थापना में सहायता प्रदान की जाएगी।

केमिकल पार्क्स क्या हैं?

  • परिचय: केमिकल पार्क्स विशेष रूप से रसायन तथा पेट्रोकेमिकल विनिर्माण के लिये विकसित योजनाबद्ध औद्योगिक क्लस्टर होते हैं, जहाँ अनेक इकाइयाँ साझा अवसंरचना एवं सामान्य सुविधाओं का उपयोग करते हुए एक साथ संचालित होती हैं।
  • मुख्य विशेषताएँ: ये पार्क्स क्लस्टर-आधारित, प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर आधारित होंगे, जिनमें तत्पर औद्योगिक भूमि, सामान्य उपयोगिताएँ, लॉजिस्टिक्स समर्थन तथा अपशिष्ट उपचार एवं सुरक्षा प्रणालियों जैसी मानक पर्यावरणीय अनुपालन सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
    • यह पहल प्लास्टिक पार्क्स, बल्क ड्रग पार्क्स तथा पेट्रोलियम, केमिकल्स एवं पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्र (PCPIR) जैसे सफल क्लस्टर मॉडलों पर आधारित है, जिन्होंने साझा अवसंरचना, पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं तथा परियोजनाओं के तीव्र निष्पादन के लाभों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया है।
  • उद्देश्य: यह पहल घरेलू रासायनिक विनिर्माण को सुदृढ़ करने, आयात पर निर्भरता कम करने, आपूर्ति-शृंखला एकीकरण में सुधार करने तथा बल्क एवं विशेष रसायनों में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्द्धात्मकता को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।
  • भारत की स्थिति: भारत का रासायनिक उद्योग विनिर्माण का एक प्रमुख स्तंभ है, जो कृषि, औषधि, वस्त्र, ऑटोमोबाइल तथा निर्माण क्षेत्रों को आवश्यक इनपुट प्रदान करता है। यह सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 7% का योगदान देता है तथा वैश्विक स्तर पर छठे और एशिया में तीसरे स्थान पर है।
  • महत्त्व: लक्षित नीतिगत समर्थन तथा प्रौद्योगिकी अपनाने, नवाचार एवं सततता को प्रोत्साहित करने वाले उपायों से समर्थित यह एकीकृत दृष्टिकोण आगामी दशक में घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को प्रबलता प्रदान करेगा तथा वैश्विक रासायनिक मूल्य शृंखलाओं में भारत के एकीकरण को सुदृढ़ करेगा।

Union Budget_2026–27_Push_for_Chemical_Parks

संबंधित क्लस्टर-आधारित पहलें 

  • प्लास्टिक पार्क योजना: प्लास्टिक पार्क प्लास्टिक प्रसंस्करण के लिये समर्पित औद्योगिक क्षेत्र होते हैं, जिन्हें साझा अवसंरचना और सामान्य सुविधाओं के माध्यम से पुनर्चक्रण, मूल्य संवर्द्धन, निर्यात तथा रोज़गार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित किया जाता है।
  • बल्क ड्रग पार्कों के संवर्द्धन की योजना: बल्क ड्रग पार्कों का उद्देश्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र, परीक्षण प्रयोगशालाएँ और साझा उपयोगिताओं जैसी सामान्य अवसंरचना उपलब्ध कराकर घरेलू औषधि निर्माण को मज़बूत करना है, जिससे सक्रिय औषधीय अवयवों (APIs) के आयात पर निर्भरता कम हो। ये पार्क गुजरात, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश में स्थित हैं।
  • पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्र: PCPIRs बड़े और एकीकृत औद्योगिक क्षेत्र होते हैं, जो पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोकेमिकल उत्पादन को प्रोत्साहित करते हैं, जहाँ उत्पादन इकाइयों को लॉजिस्टिक्स, उपयोगिताएँ और पर्यावरणीय अवसंरचना के साथ एक ही स्थान पर स्थापित किया जाता है। प्रमुख उदाहरण दहेज (गुजरात), विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) और पारादीप (ओडिशा) हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. केमिकल पार्क क्या हैं?
केमिकल पार्क नियोजित औद्योगिक क्लस्टर होते हैं, जिनमें साझा अवसंरचना और प्लग-एंड-प्ले सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि रसायन तथा पेट्रोकेमिकल विनिर्माण को बढ़ावा मिल सके।

2. केंद्रीय बजट 2026–27 में कितने केमिकल पार्कों की घोषणा की गई है?
बजट में तीन केमिकल पार्कों के लिये समर्थन की घोषणा की गई है, जिन्हें राज्यों द्वारा चैलेंज-आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से स्थापित किया जाएगा।

3. केमिकल पार्कों के लिये बजटीय आवंटन कितना है?
केंद्रीय बजट वित्त वर्ष 2026–27 में केमिकल पार्कों की स्थापना के लिये ₹600 करोड़ का आवंटन किया गया है।

4. भारत के लिये केमिकल पार्क क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?
ये घरेलू विनिर्माण को मज़बूत करते हैं, आयात पर निर्भरता कम करते हैं, पर्यावरणीय अनुपालन में सुधार करते हैं और रसायन क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्द्धात्मकता को बढ़ाते हैं।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQs) 

प्रिलिम्स

प्रश्न. 'आठ मूल उद्योगों के सूचकांक' (इंडेक्स ऑफ एट कोर इंडस्ट्रीज़) में निम्नलिखित में से किसको सर्वाधिक महत्त्व दिया गया है? (2015)

(a) कोयला उत्पादन

(b) विद्युत् उत्पादन

(c) उर्वरक उत्पादन

(d) इस्पात उत्पादन

उत्तर: (b)