UK ने चागोस समझौते का समर्थन किया | 28 Jan 2026

स्रोत: BL

संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति की आलोचना के बावजूद, यूनाइटेड किंगडम (यूके) ने चागोस द्वीपसमूह को मॉरीशस को हस्तांतरित करने और रणनीतिक सैन्य अड्डा (डिएगो गार्सिया) लीज़ पर बनाए रखने के समझौते का समर्थन किया।

चागोस द्वीपसमूह

  • परिचय: यह हिंद महासागर में स्थित 58 द्वीपों का एक समूह है, जो मालदीव से लगभग 500 किमी. दक्षिण में स्थित है। डिएगो गार्सिया सबसे बड़ा द्वीप है और एक प्रवाल छल्लाकार द्वीप (कोरल एटॉल) है, जो भूमध्यरेखा से 7° दक्षिण में स्थित है।
  • औपनिवेशिक इतिहास: फ्राँस ने वर्ष 1715 में मॉरीशस और चागोस द्वीपसमूह पर कब्जा किया और वर्ष 1814 के पेरिस संधि के तहत फ्राँस ने दोनों को ब्रिटेन को सौंप दिया।
    • वर्ष 1965 में, ब्रिटेन ने चागोस को मॉरीशस से अलग करके ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरीटरी (BIOT) का गठन किया और इस पृथक्करण के लिये मॉरीशस को 3 मिलियन पाउंड की अनुदान राशि दी।
  • डिएगो गार्सिया का महत्त्व: वर्ष 1966 के समझौते के तहत, ब्रिटेन ने अमेरिका को BIOT का सैन्य उपयोग करने की अनुमति दी और डिएगो गार्सिया (एक संयुक्त UK–US सैन्य आधार) वर्ष 1986 में पूरी तरह से परिचालन में आ गया। इसने गल्फ युद्ध, इराक और अफगानिस्तान युद्धों और 9/11 के बाद के अभियानों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो इसके हिंद-प्रशांत रणनीतिक महत्त्व को रेखांकित करता है।
  • अंतर्राष्ट्रीय कानूनी विकास: वर्ष 2019 में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने एक सलाहकार राय जारी की, जिसमें कहा गया कि चागोस का ब्रिटेन द्वारा पृथक्करण अवैध था। इसके बाद वर्ष 2024 में ब्रिटेन ने मॉरीशस को संप्रभुता हस्तांतरित करने पर सहमति दी, जबकि डिएगो गार्सिया आधार पर नियंत्रण बनाए रखने के लिये 99 वर्ष के लीज़ समझौते को सुरक्षित रखा।

Chagos_Archipelago

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