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दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास कोष योजना | 04 Oct 2022 | प्रारंभिक परीक्षा

हाल ही में सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (USOF) ने दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास कोष (TTDF) योजना की शुरुआत की।

दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास कोष (TTDF) योजना:

भारत के दूरसंचार क्षेत्र की वर्तमान स्थिति:

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा विगत वर्ष के प्रश्न (PYQs )  

प्रिलिम्स:

प्रश्न. भारत में निम्नलिखित में से कौन दूरसंचार, बीमा, बिजली आदि क्षेत्रों में स्वतंत्र नियामकों की समीक्षा करता है? (2019)

  1. संसद द्वारा गठित तदर्थ समितियाँ
  2. संसदीय विभाग से संबंधित स्थायी समितियाँ
  3. वित्त आयोग
  4. वित्तीय क्षेत्र विधायी सुधार आयोग
  5. नीति आयोग

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 1, 3 और 4
(c) केवल 3, 4 और 5
(d) केवल 2 और 5

उत्तर: (a)

व्याख्या:

  • संसदीय समितियाँ दो प्रकार की होती हैं- स्थायी समितियाँ और तदर्थ समितियाँ। स्थायी समितियों का गठन हर साल या समय-समय पर किया जाता है तथा उनका काम कमोबेश निरंतरता के आधार पर चलता रहता है। तदर्थ समितियोँ का गठन आवश्यकता पड़ने पर तदर्थ आधार पर किया जाता है एवं जैसे ही वे उन्हें सौंपे गए कार्य को पूरा करती हैं, उनका अस्तित्त्व समाप्त हो जाता है। अतः कथन 2 सही है।
  • भारत में विभाग संबंधित 24 स्थायी समितियाँ हैं जिनमें संसद के दोनों सदनों के सदस्य शामिल हैं। ये समितियाँ मंत्रालय विशिष्ट हैं और अपने संबंधित विभागों के भीतर नियामकों के कामकाज की समीक्षा कर सकती हैं। उदाहरण के लिये अगस्त 2012 में ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति ने 'केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग' के कामकाज पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। अतः कथन 1 सही है।
  • संसद द्वारा गठित तदर्थ समितियाँ नियामकों के कामकाज की जाँच कर सकती हैं। उदाहरण के लिये 2जी स्पेक्ट्रम के आवंटन पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की संदर्भ शर्तों में स्पेक्ट्रम मूल्य निर्धारण और दूरसंचार लाइसेंस प्रदान करने पर नीति की समीक्षा शामिल है। वित्त आयोग एवं नीति आयोग की भूमिका सलाहकार प्रकृति की है तथा वे स्वतंत्र नियामकों की समीक्षा नहीं करते हैं। अत: 3 और 5 सही नहीं हैं।
  • वित्तीय क्षेत्र विधायी सुधार आयोग (FSLRC) का गठन मार्च 2011 में वित्त मंत्रालय द्वारा भारत की वित्तीय प्रणाली को नियंत्रित करने वाले कानूनों की व्यापक समीक्षा एवं पुनर्रचना के लिये किया गया था। स्वतंत्र नियामकों की समीक्षा करने में इसकी कोई भूमिका नहीं है। अत: 4 सही नहीं है

अतः विकल्प (a) सही है।

स्रोत: पी.आई.बी.