सनराइज़ फेस्टिवल 2025-26 | 05 Jan 2026
अरुणाचल प्रदेश ने अंजॉ ज़िले के डोंग गाँव में सनराइज़ फेस्टिवल 2025–26 का उद्घाटन संस्करण मनाया। यह भारत का सबसे पूर्वी बिंदु है, जहाँ सूर्योदय सबसे पहले होता है।
सनराइज़ फेस्टिवल
- परिचय: यह एक साहस-आधारित सांस्कृतिक पर्यटन उत्सव है, जिसका उद्देश्य सूर्योदय को केंद्र में रखकर अरुणाचल प्रदेश को प्रकृति, संस्कृति, साहसिक गतिविधियों और विरासत उत्सवों के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
- सांस्कृतिक महत्त्व: डोंग, स्वदेशी मेयोर (ज़ाखरिंग) जनजाति का निवास स्थल है, जिन्हें सनराइज़ पीपल (सूर्योदय के लोग) कहा जाता है। इनकी संस्कृति, परंपराएँ और विश्वास प्रणालियाँ सूर्य उपासना में गहराई से निहित हैं।
- जनजातीय विविधता का प्रदर्शन: इस उत्सव में अरुणाचल प्रदेश की अनेक जनजातियों मिश्मी, सिंगफो, गालो, वांचो, नोक्टे आदि, अपतानी, न्यिशी और मोनपा की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं, जो राज्य की समृद्ध तथा विविध स्वदेशी विरासत का जीवंत प्रदर्शन करती हैं।
डोंग गाँव
- स्थान एवं रणनीतिक महत्त्व: यह अंजॉ ज़िले की डोंग घाटी में भारत, चीन और म्याँमार के त्रि-संधि क्षेत्र पर स्थित है। यह वर्ष 1962 के चीनी आक्रमण के प्रमुख युद्धक्षेत्र वॉलोंग से मात्र 7 किमी दूर है।
- भौतिक भूगोल: यह लोहित नदी के बाएँ तट पर स्थित है, जो ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली की एक प्रमुख सहायक नदी है।
- वैश्विक पहचान: 1 जनवरी, 2000 को मिलेनियम सनराइज़ के साक्षी बनने के लिये पूरे विश्व से आए पर्यटकों के कारण इसे वैश्विक पहचान मिली।
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