रैपिड फायर
रणथंभौर टाइगर रिज़र्व में कई शीर्ष परभक्षी प्रजातियाँ देखी गईं
- 24 Apr 2026
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रणथंभौर टाइगर रिज़र्व में चाकल नदी के पास लगभग 1-2 किमी. के दायरे में, एक ही समय व क्षेत्र के भीतर बाघ, तेंदुआ और चीता देखे गए, जो शीर्ष परभक्षी प्रजातियों के बीच अत्यंत दुर्लभ तथा पारिस्थितिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण अतिव्यापन को दर्शाता है।
- ऐसी सह-उपस्थिति सामान्यतः नहीं देखी जाती, क्योंकि नीश पार्टिशनिंग (Niche Partitioning) के तहत प्रजातियाँ आवास उपयोग, शिकार के चयन और कालिक गतिविधि पैटर्न में भिन्नता उत्पन्न कर अंतर-प्रजातीय प्रतिस्पर्द्धा को कम करती हैं।
- इस प्रकार का एकत्रीकरण एक स्थायी सह-आवास के बजाय एक अस्थायी पारिस्थितिक संयोग के रूप में अधिक उपयुक्त रूप से समझा जाता है, जो संभवतः शिकार की आवाजाही, प्रसार गतिशीलता (Dispersal Dynamics) और परिदृश्य संपर्कता (Landscape Connectivity) जैसे कारकों से प्रेरित होता है।
तीन परभक्षी प्रजातियों की व्यावहारिक पारिस्थितिकी
- चीता: यह मुख्यतः दिन में सक्रिय रहने वाला शिकारी है, जो खुले पर्यावासों के लिये अनुकूलित होता है और घात लगाकर हमला करने या ताकत के बजाय तेज़ गति से पीछा कर शिकार करता है।
- बाघ: यह एकाकी और क्षेत्रीय रूप से प्रभुत्वशाली शीर्ष शिकारी है, जो बड़े परिदृश्यों पर पारिस्थितिक नियंत्रण रखता है तथा अक्सर निम्न श्रेणी के माँसाहारी प्रजातियों की उपस्थिति को सीमित करता है।
- तेंदुआ: यह पारिस्थितिक रूप से अनुकूलनीय मध्यम-स्तरीय शिकारी है, जो अपने व्यवहार को स्थानिक और कालिक रूप से समायोजित करता है, अक्सर अधिक रात्रिचर बनकर और ऊबड़-खाबड़ क्षेत्रों में जाकर ताकि बाघों के साथ प्रत्यक्ष प्रतिस्पर्द्धा से बच सके।
रणथंभौर टाइगर रिज़र्व
- परिचय: यह सवाई माधोपुर ज़िला, राजस्थान में अरावली और विंध्य पर्वतशृंखलाओं के बीच स्थित है।
- रणथंभौर टाइगर रिज़र्व (RTR) में रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान, सवाई माधोपुर अभयारण्य, केलादेवी अभयारण्य और राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य का एक भाग शामिल है।
- इसका नाम ऐतिहासिक रणथंभौर किले के नाम पर रखा गया है, जो रिज़र्व के भीतर एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।
- नदियाँ: RTR उत्तर में बनास नदी और दक्षिण में चंबल नदी से घिरा है।
- झीलें: RTR में कई झीलें हैं, जिनके नाम पदम तालाब, राज बाग तालाब और मलिक तालाब हैं।
- वनस्पति: मुख्यतः शुष्क पर्णपाती वन और उष्णकटिबंधीय कँटीले प्रकार के वन।
- वन्यजीव: यहाँ रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुआ, कैराकल, साँभर, चीतल, चिंकारा, जंगली सूअर और पक्षियों की कई प्रजातियाँ, जैसे– सारस, सर्पेंट ईगल और पेंटेड सर्फाउल पाए जाते हैं।
- वर्ष 2023 की बाघ की जनगणना के अनुसार, RTR में 71 बाघ और शावक हैं, जो इसे कॉर्बेट और काज़ीरंगा के बाद तीसरा सबसे सघन आबादी वाला बाघ अभयारण्य बनाता है।
- वनस्पति: यहाँ ढोक वृक्ष की प्रधानता है, अन्य में बबूल, गुर्जन, गोंद और खैर शामिल हैं।
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