वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का द्वितीय चरण | 19 Feb 2026
केंद्र सरकार वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP) के द्वितीय चरण का शुभारंभ करने जा रही है, जिसके अंतर्गत इसके रणनीतिक दायरे को चीन सीमा से आगे बढ़ाते हुए अब पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और म्याँमार की सीमाओं पर स्थित 1,954 सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण गाँवों को शामिल किया जाएगा।
- वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP): इसे वर्ष 2023 में प्रारंभ किया गया था। इसका मूल उद्देश्य चीन सीमा से लगे हुए गाँवों के विकास को प्रोत्साहित करना था।
- VVP-II एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जिसमें 100% वित्तपोषण केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है। इसे अप्रैल 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया।
- VVP-II के अंतर्गत शामिल राज्य: यह कार्यक्रम अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नगालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल में लागू किया जाएगा।
- वित्तीय प्रावधान: VVP-II के लिये कुल 6,839 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसे वित्तीय वर्ष 2028-29 तक लागू किया जाएगा। प्रति गाँव 3 करोड़ रुपए व्यय करने का प्रस्ताव है।
- सामरिक उद्देश्य: इस कार्यक्रम का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों की जनसंख्या के शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन को रोकना है, जिससे सुरक्षा शून्यता उत्पन्न होती है तथा जनसांख्यिकीय परिवर्तन की स्थिति बनती है। इसके लिये सतत आजीविका के अवसर सृजित किये जाएंगे।
- सीमावर्ती जनसंख्या की भूमिका: इस पहल का उद्देश्य स्थानीय निवासियों को सीमा सुरक्षा बलों के “आँख और कान” के रूप में सशक्त बनाना तथा उन्हें अवैध गतिविधियों और सीमा-पार अपराधों से दूर रखना है।
- व्यापक विकास: इस रणनीति में मौजूदा सरकारी योजनाओं की संपूर्ण कवरेज, बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ बनाना और इन गाँवों को "विकास केंद्र" के रूप में विकसित करना शामिल है, ताकि राष्ट्र के साथ आर्थिक और सांस्कृतिक समावेशन सुनिश्चित किया जा सके।
- विश्वास निर्माण: गृह मंत्रालय द्वारा “सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील” आउटरीच गतिविधियों पर बल दिया गया है, ताकि सीमा सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय समुदायों के बीच विश्वास स्थापित हो तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिये उन्हें प्रोत्साहित किया जा सके।
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