खारे पानी का मगरमच्छ | 24 Feb 2022

खारे पानी के मगरमच्छ (Crocodylus Porosus),जो पहले वियतनाम और दक्षिणी चीन में पाए जाते थे, मानव गतिविधियों के कारण इन क्षेत्रों में विलुप्त हो गए।

Crocodile

खारे पानी का मगरमच्छ:

  • परिचय: 
    • यह मौजूदा जीवित मगरमच्छों की 23 प्रजातियों में सबसे बड़ी प्रजाति है। इसमें 'ट्रू क्रोकोडाइल', मगरमच्छ और कैमन शामिल हैं।
    • इसे 'एश्चुरिन क्रोकोडाइल' भी कहा जाता है और जैसा कि नाम से पता चलता है, यह आमतौर पर एश्चुरी के खारे पानी में पाया जाता है।
    • यह महासागरों में खारे पानी को भी सहन कर सकता है और ज्वारीय धाराओं का उपयोग करके खुले समुद्र में लंबी दूरी की यात्रा कर सकता है।
  • प्राकृतिक वास: 
    • यह मगरमच्छ ओडिशा के भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान, पश्चिम बंगाल में सुंदरवन तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पाया जाता है।
    • यह भारतीय उपमहाद्वीप के तीन मगरमच्छों साथ ही घड़ियाल मगरमच्छ (Crocodylus palustris) और घड़ियाल (Gavialis Gangeticus) मगरमच्छों में से एक है।
    • यह बांग्लादेश, मलेशिया, इंडोनेशिया, ब्रुनेई, फिलीपींस, पापुआ न्यू गिनी, ऑस्ट्रेलिया और सोलोमन द्वीप समूह में भी पाया जाता है।
    • प्रजातियों की सीमा पश्चिम में सेशेल्स और केरल, भारत से लेकर पूर्व में दक्षिणपूर्वी चीन, पलाऊ और वानुअतु तक फैली हुई थी।
  • खतरा:
    • अवैध रेत खनन, अवैध शिकार, नदी प्रदूषण में वृद्धि, बाँध निर्माण, बड़े पैमाने पर मछली पकड़ने का कार्य और बाढ़।

खारे पानी के मगरमच्छों की संरक्षण स्थिति: 

  • IUCN संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची: ‘संकटमुक्त’ (Least Concern)।
  • CITES: परिशिष्ट- I (ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और पापुआ न्यू गिनी में मौजूद आबादी परिशिष्ट- II में शामिल है)।
  • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: अनुसूची- I

स्रोत: डाउन टू अर्थ