सुरक्षित शहर परियोजना | 25 Apr 2023

सुरक्षित शहर परियोजना को लागू करने के लिये दिल्ली अब पूरी तरह तैयार है, इसका उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है।

सुरक्षित शहर परियोजना:

  • सुरक्षित शहर परियोजना निर्भया फंड के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से संचालित गृह मंत्रालय की एक पहल है जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बालिकाओं के लिये एक सुरक्षित और सशक्त वातावरण बनाना है।
  • यह परियोजना दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद, लखनऊ और बंगलूरू सहित आठ मेट्रो शहरों में लागू की जा रही है।
    • इस परियोजना के तहत वीडियो एनालिटिक्स, AI, मशीन लर्निंग और फेसियल रिकॉग्निशन (चेहरे की पहचान) जैसी सुविधाओं से युक्त एक कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर के साथ-साथ CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
  • परियोजना की लागत केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में साझा की जाती है।

दिल्ली की परियोजना का दायरा:

  • परिचय:
    • दिल्ली की परियोजना पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है और दिल्ली पुलिस द्वारा उन्नत कंप्यूटिंग विकास केंद्र (सी-डैक) के माध्यम से कार्यान्वित की जाएगी।
    • सी-डैक (C-DAC) द्वारा रेलटेल (RailTel) तथा NEC इंडिया को क्रमशः सीसीटीवी कैमरे लगाने और उन्हें फीडर एवं मुख्य सर्वर से जोड़ने के लिये नियुक्त किया गया है।
    • इसके अतिरिक्त मोबाइल डेटा टर्मिनलों, शरीर में पहने जाने वाले कैमरों (Body-Worn Cameras) और अन्य सुविधाओं से लैस 88 प्रखर वैनों को पूरे शहर में तैनात किया जाएगा।
  • परियोजना के माध्यम से पुलिसिंग और सुरक्षा को बढ़ाना:
    • दिल्ली में सुरक्षित शहर परियोजना एक पहल है जिसका उद्देश्य AI-आधारित अनुप्रयोगों का उपयोग करके शहर में पुलिसिंग और सुरक्षा को बढ़ाना है।
      • परियोजना AI का उपयोग वास्तविक समय में भीड़ का आकलन करने, व्यवहार संबंधी लक्षणों और विसंगतियों का पता लगाने के लिये किया जाएगा।
      • आसन्न अपराध का संकेत देने वाले विचलन के मामले में AI तुरंत पुलिस मुख्यालयों, ज़िला कार्यालयों और पुलिस स्टेशनों में कमांड और कंट्रोल सेंटरों को सूचित करेगा।
      • परियोजना का लक्ष्य पुलिस अधिकारियों को वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करके और उन्हें समय पर कार्रवाई करने में सक्षम बनाकर अपराध को रोकना है।
    • यह प्रोजेक्ट सभी की सुरक्षा और संरक्षा हेतु सही दिशा में एक कदम है।

स्रोत: द हिंदू