FRA सेल्स का प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट्स में परिवर्तन | 02 Mar 2026
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने मौज़ूदा वन अधिकार अधिनियम (FRA) सेल के अधिदेश का विस्तार करने का निर्णय लिया है। इन्हें अब एकीकृत 'वन-स्टॉप' प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट्स (PMU) के रूप में पुनर्गठित किया जा रहा है ताकि सभी जनजातीय नीतियों के समन्वय और कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित किया जा सके।
- FRA सेल: वन अधिकार अधिनियम (FRA) सेल को अक्तूबर 2024 में शुरू किये गए मंत्रालय के 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' (DAJGUA) के तहत राज्यों को अतिरिक्त मानव संसाधन प्रदान करने के लिये स्वीकृत किया गया था। इनका प्राथमिक उद्देश्य वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत वन अधिकार दावों के प्रसंस्करण में तेज़ी लाना और रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण करना था।
- ये सेल वन अधिकारों की मान्यता में सहायता करते हैं, दावा संबंधी दस्तावेज़ों और साक्ष्य संग्रह का समर्थन करते हैं, भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण करते हैं, लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं तक पहुँचने में मदद करते हैं और वन गाँवों को राजस्व गाँवों में परिवर्तित करने को बढ़ावा देते हैं।
- नवीन PMU ढाँचा: मंत्रालय इन सेलों को व्यापक प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट्स (PMU) में बदल रहा है।
- प्रत्येक राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के PMU में अब चार अधिकारी शामिल होंगे, जो FRA सपोर्ट, आजीविका सहायता, IT/प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS) की विशेषज्ञता और समग्र टीम के नेतृत्व में विशेषज्ञ होंगे।
- ज़िला स्तर: ज़िला स्तर पर दो विशेषज्ञ होंगे (एक FRA सपोर्ट के लिये और एक MIS विशेषज्ञ)।
- पुनर्गठन के पीछे का तर्क: मंत्रालय के अनुसार, विशेष रूप से FRA कार्यान्वयन के लिये अलग-अलग सेल बनाए रखने से "प्रशासनिक लागत बढ़ रही थी" और संचार में बाधाएँ उत्पन्न हो रही थीं।
- एक एकीकृत PMU से नीतियों का कार्यान्वयन सरल, तेज़ और बेहतर समन्वित होने की उम्मीद है।
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