CAPF में अग्निवीरों के लिये आरक्षण | 26 Dec 2025
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के ग्रुप-C पदों में पूर्व अग्निवीरों के लिये आरक्षण को 10% से बढ़ाकर 50% करने का निर्णय लिया है, जो अग्निपथ योजना के तहत एक महत्त्वपूर्ण नीतिगत बदलाव को दर्शाता है।
- पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) से छूट दी जाएगी। हालाँकि, उन्हें अन्य उम्मीदवारों की तरह लिखित परीक्षाओं में उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
अग्निपथ योजना
- परिचय: जून 2022 में शुरू की गई यह एक अल्पकालिक सैन्य भर्ती कार्यक्रम है। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले जवानों को अग्निवीर कहा जाता है। इसका उद्देश्य युवा, सक्रिय और तकनीकी-केंद्रित बल बनाए रखना है तथा साथ ही रक्षा कर्मियों के व्यय को अनुकूलित करना है।
- वर्ष 2022 की भर्ती के लिये आयु सीमा 17.5–23 वर्ष थी, जबकि उसके बाद की भर्तियों के लिये इसे 17.5–21 वर्ष रखा गया, जो योजना में युवा शामिल करने पर विशेष ज़ोर को दर्शाता है।
- पात्रता शर्तें: आवेदक भारतीय नागरिक होने चाहिये और संबंधित सेवा की निर्धारित शैक्षणिक, शारीरिक तथा चिकित्सा मानकों को पूरा करना अनिवार्य है।
- भर्ती का स्वरूप: अग्निवीरों को चार वर्ष की निश्चित अवधि के लिये भर्ती किया जाता है। वे सेना, वायुसेना और नौसेना में अधिकारी से नीचे (PBOR) के पद पर चार वर्षों के लिये भर्ती किये जाते हैं, जिसमें छह महीने का प्रशिक्षण शामिल है।
- सेवा के बाद निकास और स्थायी भर्ती: प्रत्येक अग्निवीर बैच का अधिकतम 25% केवल प्रदर्शन के आधार पर नियमित कर्मियों में भर्ती किया जा सकता है, जिसमें चयन का कोई स्वतः अधिकार नहीं होता। शेष कर्मियों को सेवा के बाद रोज़गार में सहायता के लिये कौशल प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।
- वेतन संरचना और सेवा निधि लाभ: अग्निवीर चार वर्षों में मासिक 30,000–40,000 रुपये कमाते हैं। वे वेतन का 30% अग्निवीर कॉर्पस फंड में योगदान करते हैं, जिसे सरकार मिलाकर देती है। निकास पर उन्हें लगभग 11.71 लाख रुपये का कर-मुक्त सेवा निधि पैकेज प्राप्त होता है, लेकिन पेंशन या ग्रेच्युटी नहीं।
- सेवा के दौरान 48 लाख रुपये का गैर-योगदान जीवन बीमा कवर भी प्रदान किया जाता है।
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