रानी अहिल्याबाई होल्कर | 17 Jan 2026
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के नवीनीकरण कार्य के दौरान देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा वाले एक ढाँचे को ध्वस्त करने के आरोपों की जाँच का आदेश दिया गया है।
- मणिकर्णिका घाट नवीनीकरण परियोजना एक निजी कंपनी की कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) पहल के तहत संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य सुविधाओं का आधुनिकीकरण करना और पर्यावरण संबंधी समस्याओं का समाधान करना है।
रानी अहिल्याबाई होल्कर
- जन्म एवं पृष्ठभूमि: अहिल्याबाई का जन्म 31 मई, 1725 को चोंडी, अहमदनगर (महाराष्ट्र) में हुआ था। उनके पिता, मनकोजी राव शिंदे, ग्राम प्रधान थे।
- विवाह एवं प्रारंभिक जीवन: उनका विवाह वर्ष 1733 में मालवा के शासक और होल्कर वंश के संस्थापक मल्हार राव होल्कर के पुत्र खंडेराव होल्कर से हुआ था।
- वर्ष 1745 में खंडेराव होल्कर की कुम्हेर दुर्ग की घेराबंदी के दौरान मृत्यु हो जाने के बाद अहिल्याबाई विधवा हो गईं।
- मल्हार राव होल्कर ने अहिल्याबाई को सती होने से रोका और उन्हें सैन्य एवं प्रशासनिक मामलों में प्रशिक्षित किया।
- सत्ता में आरोहण: वर्ष 1766 में मल्हार राव होल्कर और वर्ष 1767 में उनके बेटे माले राव होल्कर की मृत्यु के बाद अहिल्याबाई होल्कर ने मालवा का कार्यभार सँभाला और 1767 में इंदौर की शासक बनीं।
- उन्होंने तुकोजी राव होल्कर को सेनापति नियुक्त किया और मध्य प्रदेश के महेश्वर को होल्कर राजवंश की राजधानी बनाया।
- योगदान: अहिल्याबाई होल्कर ने 18वीं शताब्दी में काशी विश्वनाथ और सोमनाथ मंदिरों का पुनर्निर्माण किया, भगवान शिव के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों को पुनर्स्थापित किया और खुशाली राम, मराठी कवि मोरोपंत एवं शाहिर अनंतफंडी जैसे विद्वानों को संरक्षण प्रदान किया।
- वाराणसी में उनका सांस्कृतिक महत्त्व गहराई से समाहित है और पाल (गड़रिया) समुदाय उन्हें अपना पूर्वजरूपी आदर्श मानकर सम्मान देता है, जहाँ उनकी जयंती उत्साहपूर्वक मनाई जाती है।
- उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, विधवा पुनर्विवाह को भी बढ़ावा दिया और सती जैसी प्रथाओं का विरोध किया, साथ ही भील और गोंड जनजातियों तथा निचली जातियों के उत्थान में योगदान दिया।
- उन्होंने महेश्वर और इंदौर को प्रमुख व्यापारिक केंद्र बनाया, महेश्वरी बुनाई उद्योग को बढ़ावा दिया और महेश्वरी साड़ियों को संपूर्ण भारत में पहचान दिलाई, जो अब भौगोलिक संकेत (GI) टैग के साथ पंजीकृत हैं।
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