प्रीलिम्स फैक्ट्स: 19 फरवरी, 2020 | 19 Feb 2020

एसपीआईसीई+

SPICe+

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) ने कंपनियों के निगमन के लिये एसपीआईसीई+ (SPICe+) नामक एक नया वेब फॉर्म लॉन्च किया है।

SPICe

मुख्य बिंदु:

  • एसपीआईसीई+ का पूर्णरूप ‘कंपनी को इलेक्ट्रॉनिक रूप से निगमित करने के लिये सरलीकृत प्रोफार्मा’ (Simplified Proforma for Incorporating a Company Electronically Plus- SPICe+) है।
  • एसपीआईसीई+ कंपनी के निगमन से संबंधित कई सेवाएँ जैसे- पैन की अनिवार्यता, बैंक खाता खोलना, जीएसटीआईएन (GSTIN) का आवंटन आदि प्रदान करने वाला एक एकीकृत वेब फॉर्म है।
  • यह केंद्रीय सरकार के तीन मंत्रालयों एवं विभागों (कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय, श्रम मंत्रालय और वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग) तथा एक राज्य सरकार (महाराष्ट्र) को सेवाएँ प्रदान करेगा।
  • इसे ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (Ease of Doing Business) पहल के तहत लॉन्च किया गया है।

बेटेल्गेयूज़

Betelgeuse

बेटेल्गेयूज़ (Betelgeuse) तारे की उत्पत्ति लाखों वर्ष पहले एक सुपर स्टार के रूप में हुआ था। खगोलविदों ने पता लगाया है कि पिछले छह महीनों से बेटेल्गेयूज़ नाटकीय एवं रहस्यमय तरीके से धुँधला हो रहा है।

Betelgeuse

मुख्य बिंदु:

  • खगोलविदों ने यूरोपियन स्पेस ऑर्गेनाइज़ेशन (European Space Organisation- ESO) के वेरी लार्ज टेलीस्कोप (Very Large Telescope- VLT) का उपयोग करके बेटेल्गेयूज़ के धुँधले होने की इस अभूतपूर्व घटना का पता लगाया है।
  • बेटेल्गेयूज़ नक्षत्र मंडल (Constellation) में एक लाल महाकाय तारा है जो सूर्य से 20 गुना बड़ा है।
    • यह नक्षत्र मंडल सितारों का एक समूह है जो एक पैटर्न या चित्र बनाता है, जैसे- ओरियन द ग्रेट हंटर (Orion the Great Hunter), लियो द लायन (Leo the Lion) या टाॅरस द बुल (Taurus the Bull)।
  • पूर्णिमा के दौरान सबसे चमकने वाले तारों में बेटेल्गेयूज़ तारा 10वें स्थान पर होता है जबकि दिसंबर, 2019 के अंतिम हफ्ते में अध्ययन करने पर यह 21वें स्थान पर पहुँच गया।
  • रिपोर्ट बताती है कि इस बेटेल्गेयूज़ तारे का व्यवहार सामान्य से अलग है किंतु इसका मतलब यह नहीं है कि इस तारे में कोई सुपरनोवा विस्फोट (अंतरिक्ष में होने वाला सबसे बड़ा विस्फोट) होने वाला है क्योंकि खगोलविदों ने अगले 1 लाख वर्षों के बाद तारे में विस्फोट होने की भविष्यवाणी की है।

कला कुंभ

KALA KUMBH

भारत सरकार का कपड़ा मंत्रालय (Ministry of Textiles) भौगोलिक संकेत (Geographical Indication-GI) शिल्प को बढ़ावा देने के लिये कला कुंभ (KALA KUMBH) हस्तशिल्प प्रदर्शनी का आयोजन कर रहा है।

उद्देश्य:

  • इसे भौगोलिक संकेत (GI) शिल्प एवं भारत की विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

मुख्य बिंदु:

  • एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (EPCH) द्वारा प्रायोजित प्रदर्शनियाँ विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय के माध्यम से आयोजित की जा रही हैं।
  • ये प्रदर्शनियाँ बंगलूरू, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में आयोजित की जाती हैं। ये प्रदर्शनियाँ 14-23 फरवरी, 2020 तक बंगलूरू और मुंबई में आयोजित की जाएंगी और मार्च 2020 में इनका आयोजन कोलकाता एवं चेन्नई में भी किया जाएगा।

दीनदयाल बंदरगाह

Deendayal Port

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत आने से पहले गुजरात के कच्छ ज़िले में दीनदयाल बंदरगाह (कांडला बंदरगाह) के पास पपरवा द्वीप (Paparva Island) पर एक सैटेलाइट फोन मिला।

Deendaya-Port

दीनदयाल बंदरगाह के बारे में

  • यह पश्चिम भारत में गुजरात राज्य के कच्छ ज़िले में गांधीधाम शहर के निकट स्थित एक समुद्री बंदरगाह है।
  • यह गुजरात राज्य के कच्छ की खाड़ी में अवस्थित एक ज्वारीय पत्तन है जिसे कांडला बंदरगाह ट्रस्ट के नाम से भी जाना जाता है। यह देश के सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक है।
  • दीनदयाल पोर्ट कांडला क्रीक में स्थित है और यह कच्छ की खाड़ी के मुहाने से 90 किलोमीटर की दूरी पर है।
  • वर्ष 1947 में विभाजन के बाद देश के पश्चिमी तट का सबसे बड़ा बंदरगाह ‘कराची बंदरगाह’ पाकिस्तान में चला गया, जिसके बाद वर्ष 1950 में भारत के उत्तर-पश्चिम भाग में कांडला बंदरगाह का निर्माण किया गया। यह बंदरगाह भारत सरकार के जहाज़रानी मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
  • 4 अक्तूबर, 2017 को इसका नाम ‘कांडला बंदरगाह’ से बदल कर ‘दीनदयाल बंदरगाह’ कर दिया गया था।
  • दीनदयाल बंदरगाह पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से 256 समुद्री मील (दक्षिण-पूर्व में) एवं मुंबई बंदरगाह से 430 समुद्री मील (उत्तर-पश्चिम में) की दूरी पर अवस्थित है।
  • पपरवा द्वीप दीनदयाल बंदरगाह के पास कच्छ की खाड़ी में स्थित है।

भारत-नार्वे डायलॉग

India-Norway Dialogue

व्यापार एवं निवेश पर भारत-नॉर्वे डायलॉग के पहले सत्र का आयोजन 15-16 जनवरी, 2020 को नई दिल्ली में किया गया।

मुख्य बिंदु:

  • यह सत्र नॉर्वे के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान नई दिल्ली में 8 जनवरी, 2019 को भारत और नॉर्वे के बीच हस्ताक्षरित संदर्भ की शर्तों (Terms of Reference- ToR) पर आधारित था।
  • पहला सत्र 15 जनवरी, 2020 को भारतीय उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत से शुरू हुआ जिसमें आपसी हित जैसे- नीली अर्थव्यवस्था, शिपिंग एवं समुद्री सुरक्षा, आईसीटी, नवीकरणीय ऊर्जा, मत्स्य और MSME के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
  • दोनों पक्षों ने अपने देशों में निवेश अनुकूल वातावरण बनाने के लिये सरकारों द्वारा दी जा रहीं सुविधाओं से संबंधित जानकारियों का आदान-प्रदान किया।
  • इस अवसर पर दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DMICDC) और इन्वेस्ट इंडिया द्वारा भी अपनी प्रस्तुतियाँ दी गईं।
    • गौरतलब है कि अप्रैल 2000 से सितंबर 2019 के दौरान नॉर्वे से भारत में आने वाला विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) 257 मिलियन अमेरिकी डालर के आसपास था।
  • भारत ने समुद्री प्लास्टिक कूड़े की समस्या से निपटने के लिये नॉर्वे के साथ महासागर वार्ता शुरू की है।

हिमाद्रि- ध्रुवीय अनुसंधान स्टेशन:

  • वर्ष 2008 में भारत ने नॉर्वे में अपना पहला आर्कटिक अनुसंधान स्टेशन हिमाद्रि खोला।
  • इस स्टेशन के मुख्य अनुसंधान फूड-वेब डायनेमिक्स, स्पेस वेदर (Space Weather), एरोसोल विकिरण (Aerosol Radiation), ग्लेशियर, सूक्ष्मजीव समुदाय (Microbial Communities), कार्बन पुनर्चक्रण और सेडिमेटोलॉजी पर आधारित है।

IndARC के बारे में

  • IndARC आर्कटिक क्षेत्र में भारत की पहली अंडरवाटर वेधशाला है। यह नॉर्वे और उत्तरी ध्रुव के बीच में है।
  • इस वेधशाला का उद्देश्य आर्कटिक की जलवायु का अध्ययन करना है और पता लगाना है कि यह मानसून को कैसे प्रभावित करती है?

नॉर्वे: एक नज़र में

Norway

  • उत्तरी यूरोपीय देश नॉर्वे स्कैंडिनेवियाई प्रायद्वीप (Scandinavian Peninsula) के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित है। इसकी राजधानी ओस्लो (Oslo) है। यह यूरोप का दूसरा न्यूनतम घनत्व वाला देश है।
  • इसके उत्तर में बारेंट्स सागर (Barents Sea) एवं नॉर्वेजियन सागर (Norwegian Sea) तथा पश्चिम में उत्तरी सागर (North Sea) एवं दक्षिण में स्कागेर जल संधि (Skager Strait) के साथ इसकी सीमा पूर्व में स्वीडन और उत्तर में फिनलैंड एवं रूस से लगती है।
  • नॉर्वे की तटीय भूमि फियोर्ड तटों (Fiord Coast) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। विश्व में फियोर्ड तटों का संकेंद्रण सबसे अधिक नॉर्वे में है।
  • यहाँ औरोरा बोरेलिस (Aurora Borealis) नामक एक प्राकृतिक घटना आमतौर पर शरद और वसंत ऋतु के बीच आर्कटिक वृत्त के ऊपर देखी जाती है।
  • गर्मियों में सूर्य आर्कटिक वृत्त के उत्तर में अस्त नहीं होता है जिसके कारण नार्वे को ‘मध्यरात्रि के सूर्य का देश’ कहा जाता है।