प्रीलिम्स फैक्ट्स: 02 दिसंबर, 2019 | 02 Dec 2019

मोबाइल ट्रैकिंग कैमरा

Mobile tracking Camera

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ‘मोबाईल ट्रैकिंग कैमरा’ (Mobile tracking Camera) लगाने वाला विश्व का पहला देश बन गया है। यह कैमरा कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित है तथा यह हर मौसम में दिन-रात काम करने में सक्षम है।

Mobile tracking Camera

आवश्यकता:

  • ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने यह कदम मोबाइल फोन के कारण होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिये उठाया है।
  • न्यू साउथ वेल्स में प्रशासन ने वर्ष 2021 में होने वाली मौतों को 30% तक कम करने का लक्ष्य रखा है।
    • सरकार का अनुमान है कि वर्ष 2012-2018 तक न्यू साउथ वेल्स में मोबाईल फोन के इस्तेमाल के चलते लगभग 158 लोगों की मौत हुई।

नगालैंड स्थापना दिवस

Nagaland Formation Day

पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड की राजधानी कोहिमा में 1 दिसंबर, 2019 को नगालैंड का 57वाँ स्थापना दिवस मनाया गया।

Nagaland Formation Day

स्थापना:

  • नगालैंड 1 दिसंबर, 1963 को भारतीय संघ के 16वें राज्य के रुप में अस्तित्व में आया तथा 16,579 वर्ग किमी० क्षेत्रफल के साथ यहाँ का लिंगानुपात 931 है।

अवस्थिति:

  • यह पूर्व में म्याँमार, उत्तर में अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम में असम तथा दक्षिण में मणिपुर से घिरा हुआ है।
  • नगालैंड तथा म्याँमार के बीच सरामती पर्वत शृंखला प्राकृतिक सीमा बनाती है जो नगालैंड की सबसे ऊँची पहाड़ी भी है।

कृषि:

  • राज्य की लगभग 70% जनसंख्या कृषि पर निर्भर है तथा यहाँ की मुख्य खाद्य फसल धान है इसके अलावा कुल कृषि के 70% भाग पर धान की खेती की जाती है।
  • यहाँ खेती की स्लेश तथा बर्न प्रणाली प्रचलित है जिसे स्थानीय स्तर पर झूम खेती कहा जाता है।

परिवहन एवं पर्यटन:

  • राज्य का दीमापुर ज़िला पूरे देश से रेल एवं हवाई यातायात से जुड़ा है।
  • नगालैंड में प्रत्येक वर्ष दिसंबर माह के पहले सप्ताह में हॉर्नबिल उत्सव (Hornbill Festival) का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा सेकरेन्यी (फरवरी), मोन्यु (अप्रैल) आदि यहाँ के प्रमुख त्योहार हैं।

ज्ञानगंगा वन्यजीव अभयारण्य

Dyanganga Wildlife Sanctuary

हाल ही में एक बाघ ने टिपेश्वर बाघ अभयारण्य से चलकर महाराष्ट्र और तेलंगाना होते हुए ज्ञानगंगा वन्यजीव अभयारण्य तक लगभग 1,300 किलोमीटर की दूरी तय की।

Dyanganga Wildlife Sanctuary

ज्ञानगंगा वन्यजीव अभयारण्य के विषय में:

  • यह वन्यजीव अभयारण्य महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में स्थित है तथा मेलघाट बाघ अभयारण्य का एक ही एक हिस्सा है।
  • यह ज्ञानगंगा नदी के पास स्थित है जो कि ताप्ती की एक सहायक नदी है।
  • यह अभयारण्य तेंदुए, स्लॉथ बीयर (Sloth Bear), भौंकने वाला हिरण (Barking Deer), नीलगाय, चित्तीदार हिरण, लकड़बग्घा, जंगली बिल्लियाँ और सियार आदि का आवास स्थल है।

टिपेश्वर बाघ अभ्यारण्य:

  • यह महाराष्ट्र के यवतमाल ज़िले में स्थित है।
  • पूर्णा, कृष्णा, भीमा और ताप्ती नदियाँ इस अभयारण्य से होकर बहती हैं।
  • यहाँ जल की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध होने के कारण इसे महाराष्ट्र का ग्रीन ओएसिस (Green Oasis) भी कहा जाता है।