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पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) 2.0

  • 30 Apr 2026
  • 22 min read

स्रोत: पीआईबी 

पंचायती राज मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2023–24 के लिये पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) 2.0 जारी किया।

  • PAI: पंचायती राज मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया, पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) ग्राम पंचायतों और पारंपरिक स्थानीय निकायों जैसे ग्रामीण स्थानीय निकायों की प्रगति को मापने के लिये उद्देश्यपूर्ण, सत्यापन योग्य संकेतकों का उपयोग करने वाला विश्व का पहला राष्ट्रव्यापी ढाँचा है।
    • 17 वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को नौ स्थानीय विषयों (LSDG) में रूपांतरित कर, PAI 2030 के लक्ष्यों की ओर ज़मीनी प्रगति को ट्रैक करने व तेज करने के लिये वस्तुनिष्ठ, आँकड़ा-आधारित उपकरण प्रदान करता है।
    • PAI 2.0 ढाई लाख से अधिक पंचायतों के लिये एक रिपोर्ट कार्ड के रूप में कार्य करता है, जो उन्हें स्वास्थ्य, जल, बुनियादी ढाँचे और स्थिरता जैसे क्षेत्रों में 150 से अधिक मापदंडों पर आकलन करता है।
      • PAI 2.0 (वित्तीय वर्ष 2023–24) का जारी होना "विकसित ग्राम पंचायतों" के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिये डेटा-संचालित, पारदर्शी और सहभागी शासन के लिये सरकारी प्रयास को दर्शाता है।
  • युक्तियुक्त मूल्यांकन ढाँचा: PAI 2.0 ने राष्ट्रीय संकेतक ढाँचे (NIF) और राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों के साथ मजबूत संबंध सुनिश्चित करने के लिये अपने मापदंडों को घटाकर 150 वस्तुनिष्ठ संकेतकों और 230 डेटा बिंदुओं तक सीमित कर दिया।
  • स्तरीय प्रदर्शन की ग्रेडिंग: पंचायतों को 0-100 पैमाने पर समग्र स्कोर के आधार पर पाँच श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है: अचीवर (ए+: 90 और उससे अधिक), फ्रंट रनर (ए: 75 से 90 से कम), परफॉर्मर (बी: 60 से 75 से कम), एस्पिरेंट (सी: 40 से 60 से कम), और बिगिनर (डी: 40 से कम)
  • अभूतपूर्व भागीदारी: इस अभ्यास में 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 2,59,867 ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए 97.30% की अभूतपूर्व राष्ट्रीय भागीदारी दर हासिल की गई।
  • विषयगत उत्कृष्टता: कुल मिलाकर, 3,635 GP उभरकर अग्रणी (ग्रेड A) के रूप में सामने आए। क्षेत्रीय रूप से, थीम 1 (गरीबी मुक्त और बेहतर आजीविका) और थीम 2 (स्वस्थ पंचायत) ने सबसे मजबूत परिणाम दिये, क्रमशः 3,313 और 1,015 GP के लिये A+ ग्रेड सुरक्षित किये।\
  • टॉप रैंकर: त्रिपुरा को लगभग 80% ग्राम पंचायतों के साथ ‘फ्रंट रनर’ राज्य का दर्जा प्राप्त है, इसके बाद केरल और ओडिशा का स्थान है। कोई भी पंचायत ‘अचीवर’ श्रेणी में स्थान नहीं बना सकी।
  • तकनीकी एवं शासन नवाचार: अद्यतन ढाँचा डेटा सटीकता और ज़मीनी जवाबदेही की गारंटी के लिये अनिवार्य ग्रामसभा सत्यापन को अनिवार्य बनाता है, साथ ही केंद्रीय मंत्रालय के पोर्टलों से सीधे डेटा के ऑटो-पोर्टिंग को भी।
  • रणनीतिक नीति की उपयोगिता: यह सूचकांक सीधे ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) की तैयारी को सूचित करता है, चुनिंदा राज्यों में संसाधन आवंटन निर्धारित करता है और सहकर्मी प्रतिकृति के लिये पंचायत शिक्षण केंद्रों के रूप में सेवा करने के लिये उच्च-प्रदर्शन वाली इकाईयों की पहचान करता है।

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