पूर्वोत्तर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर परियोजना | 23 Feb 2026
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (MDoNER) ने पूर्वोत्तर परिषद (NEC) के माध्यम से पूर्वोत्तर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर परियोजना (NEST) परियोजना को मंज़ूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य अनुसंधान, उद्यमिता तथा कौशल विकास को बढ़ावा देते हुए एक आत्मनिर्भर पारिस्थितिक तंत्र विकसित करना है।
- नोडल एजेंसी एवं अवधि: इस परियोजना के कार्यान्वयन का नेतृत्व भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी (IIT-G) द्वारा किया जा रहा है और इसकी अवधि 5 वर्ष निर्धारित की गई है।
- शैक्षणिक वर्टिकल: NEST चार विशेषीकृत वर्टिकल्स के अंतर्गत कार्य करता है, जो इस प्रकार हैं:
- ग्रासरूट प्रौद्योगिकियों पर नवाचार केंद्र
- सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिये प्रौद्योगिकी केंद्र
- बाँस-आधारित प्रौद्योगिकी में नवाचार, उद्यमिता प्रोत्साहन और कौशल विकास हेतु उत्कृष्टता केंद्र
- बायोडिग्रेडेबल और ईको-फ्रेंडली प्लास्टिक पर कौशल विकास तथा नवाचार केंद्र
- संरचनात्मक ढाँचा: NEST हब और स्पोक मॉडल पर आधारित है, जिसमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी केंद्रीय 'हब' के रूप में कार्य करता है।
- ‘स्पोक’ सभी पूर्वोत्तर राज्यों में स्थित शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थाओं का एक व्यापक नेटवर्क बनाते हैं, जो अंतिम स्तर तक पहुँच तथा संसाधनों के साझा उपयोग को सुगम बनाता है।
- मुख्य रूप से पहचाने गए संस्थानों में NITs (जैसे– अगरतला, मेघालय आदि), IIM शिलांग, तेज़पुर विश्वविद्यालय आदि शामिल हैं।
- मुख्य परियोजना घटक: मुख्य गतिविधियों में प्रौद्योगिकी विकसित करने और नवाचार के लिये प्रशिक्षण, इन्क्यूबेशन तथा टिंकरिंग प्रयोगशालाएँ, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, व्यवसायीकरण एवं उत्पाद विपणन सहयोग, शोध, नवाचार व कौशल विकास के लिये आवश्यक बुनियादी ढाँचे का विकास शामिल हैं।
पूर्वोत्तर परिषद (NEC)
- परिचय: पूर्वोत्तर परिषद एक वैधानिक सलाहकार निकाय है, जिसे पूर्वोत्तर परिषद अधिनियम, 1971 (नवंबर 1972 में अस्तित्व में आया) के अंतर्गत स्थापित किया गया था। यह भारत के 8 पूर्वोत्तर राज्यों (NER) के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिये नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है, और इसका मुख्यालय शिलांग (मेघालय) में स्थित है।
- सदस्य राज्य हैं—अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा।
- यह पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत कार्य करता है।
- परिषद की संरचना: पूर्वोत्तर परिषद में शामिल हैं:
- केंद्रीय गृहमंत्री निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं।
- आठ सदस्य राज्यों के राज्यपाल।
- आठ सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री।
- भारत के राष्ट्रपति द्वारा नामित तीन अतिरिक्त सदस्य।