राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) स्थापना दिवस | 21 Jan 2026

स्रोत: पीआईबी

प्रधानमंत्री ने 19 जनवरी, 2026 को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के स्थापना दिवस के अवसर पर NDRF के वीर कर्मियों के साहस, समर्पण और निःस्वार्थ सेवा की सराहना की।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF)

  • परिचय: NDRF की स्थापना 19 जनवरी, 2006 को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत की गई थी और यह 8 बटालियनों से बढ़कर 16 बटालियनों तक पहुँच गया है। इसमें 18,556 कर्मी तैनात हैं, जो 68 स्थानों पर स्थित हैं, जिनमें क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र और सामरिक पूर्व-स्थिति स्थान शामिल हैं।
  • संरचना: यह चार संचालनात्मक क्षेत्रों के माध्यम से संचालित होता है, जिनका मुख्यालय नई दिल्ली में है, प्रत्येक बटालियन में 18 विशेषीकृत खोज और बचाव टीमें शामिल हैं, जबकि NDRF अकादमी (2018) सर्वोच्च प्रशिक्षण संस्थान के रूप में कार्य करती है और इसका नागपुर में नया परिसर निर्माणाधीन है।
  • अधिकार और कार्यक्षेत्र: NDRF को सभी प्राकृतिक तथा मानवजनित आपदाओं का सामना करने का दायित्व सौंपा गया है, जिसमें ढहे हुए ढाँचे, बाढ़, रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल एवं परमाणु (CBRN) घटनाएँ, पर्वतीय व रस्सी बचाव, प्राथमिक चिकित्सा प्रतिक्रिया और पशु बचाव शामिल हैं। इसके साथ ही वनाग्नि प्रतिक्रिया को वर्ष 2022 में शामिल किया गया।
  • वैश्विक आपदा प्रतिक्रिया अनुभव: NDRF के पास महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय अनुभव है, जिसमें जापान आपदा (2011), नेपाल भूकंप (2015) और तुर्की में ऑपरेशन दोस्त (2023) शामिल हैं। वर्तमान में यह अंतर्राष्ट्रीय खोज एवं बचाव सलाहकार समूह (INSARAG) प्रमाणन के लिये एक हेवी अर्बन सर्च एंड रेस्क्यू (HUSAR) टीम का मार्गदर्शन कर रहा है।
  • CBRN प्रतिक्रिया और प्रशिक्षण: उभरते जोखिमों को पहचानते हुए NDRF ने वर्ष 2024 को “CBRN तैयारी का वर्ष” घोषित किया तथा राष्ट्रीय कार्यशालाएँ, विशेष प्रशिक्षण, मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का निर्माण एवं समन्वय अभ्यास आयोजित किये।

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