रैपिड फायर
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और ऑपरेशन ग्लोबल-हंट
- 29 Apr 2026
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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने ऑपरेशन ग्लोबल-हंट के तहत मादक पदार्थ तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को तुर्किये से वापस लाने में सफलता प्राप्त की। यह इस पहल के तहत पहली बड़ी सफलता है और अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध भारत की कार्रवाई में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।
ऑपरेशन ग्लोबल-हंट
- परिचय: ऑपरेशन ग्लोबल-हंट भारतीय भगोड़ों द्वारा संचालित लगभग 100 अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क को समाप्त करने के लिये तीन वर्षीय रणनीतिक पहल है। इसका लक्ष्य हेरोइन, कोकीन, फेंटेनिल और सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी करने वालों पर इंटरपोल नोटिस, संपत्ति फ्रीज़ करने जैसे उपायों के माध्यम से कार्रवाई करना है।
- समन्वय: इसमें NCB, मुंबई पुलिस, गुजरात ATS तथा अंतर्राष्ट्रीय प्राधिकरणों के बीच समन्वित कार्रवाई शामिल है, जिससे सीमा-पार प्रवर्तन क्षमताएँ मजबूत होती हैं।
- नीतिगत ढाँचा: यह पहल भारत की व्यापक ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ मादक पदार्थ विरोधी नीति का हिस्सा है, जिसे नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) के माध्यम से अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। साथ ही वर्ष 2029 तक निर्धारित लक्ष्यों और निगरानी व्यवस्था के साथ एक राष्ट्रव्यापी नशा-विरोधी अभियान भी प्रस्तावित है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB)
- परिचय: NCB (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो), नई दिल्ली (मुख्यालय), भारत में नशीली दवाओं के प्रवर्तन और खुफिया जानकारी के लिये सर्वोच्च एजेंसी है, जिसका गठन वर्ष 1986 में स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत किया गया था।
- नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के कार्य और शक्तियाँ: यह गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और प्रवर्तन तथा नीतियों के कार्यान्वयन के लिये विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ समन्वय करता है।
- मादक पदार्थों को नियंत्रित करने वाले प्रमुख कानून: औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940, स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार, निवारण (PITNDPS) अधिनियम, 1988 तथा स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थों पर राष्ट्रीय नीति।
- वैश्विक प्रयास: भारत प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों का हस्ताक्षरकर्त्ता है जैसे: सिंगल कन्वेंशन ऑन नारकोटिक ड्रग्स, 1961 (1972 के प्रोटोकॉल द्वारा संशोधित), मन:प्रभावी पदार्थों पर अभिसमय, 1971, मादक पदार्थों और स्वापक औषधियों और मन:प्रभावी पदार्थों के अवैध व्यापार के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र अभिसमय, 1988।
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