मल्टीमॉडल ट्रांंसपोर्ट हब | 19 Mar 2024

स्रोत: द हिंदू 

भारतीय रेलवे देश भर में 10 लाख से अधिक आबादी वाले आकांक्षी शहरों में मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) विकसित करने की योजना बना रही है।

  • यह कार्यक्रम भारत की 'विकसित भारत' पहल के लिये विकसित किये जा रहे बुनियादी ढाँचे का हिस्सा है।

मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब क्या है?

  • परिचय:
    • MMTH एक परिवहन सुविधा है जिसे एक ही स्थान पर रेल, सड़क और जन पारगमन प्रणालियों जैसे परिवहन के विभिन्न तरीकों को एकीकृत करने के लिये डिज़ाइन किया गया है।
    • MMTH का प्राथमिक उद्देश्य परिवहन के विभिन्न तरीकों के बीच यात्रियों और वस्तुओं की निर्बाध कनेक्टिविटी तथा कुशल स्थानांतरण प्रदान करना है
  • प्रमुख विशेषताएँ:
    • रेलवे स्टेशन: रेलवे स्टेशन विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने वाली ट्रेन सेवाओं के लिये एक टर्मिनस के रूप में कार्य करता है
      • यह यात्रियों के लिये प्रतीक्षा क्षेत्र, टिकट काउंटर, प्लेटफॉर्म और सुविधाओं सहित आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है।
    • अंतर्राज्यीय बस टर्मिनस (ISBT): ISBT विभिन्न गंतव्यों के लिये कनेक्टिविटी प्रदान करते हुए अंतर्राज्यीय बस सेवाओं की सुविधा प्रदान करता है।
    • मास रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम (MRTS) स्टेशन: MRTS स्टेशन मेट्रो, लाइट रेल या शहरी जन पारगमन के अन्य रूपों जैसी तीव्र पारगमन सेवाओं को समायोजित करता है।
      • यह हब को व्यापक शहरी पारगमन नेटवर्क से जोड़ता है और यात्रियों के लिये सुविधाजनक परिवहन विकल्प प्रदान करता है।
    • परिवहन कैचमेंट ज़ोन: MMTH के आस-पास का स्थान जलग्रहण क्षेत्र के रूप में कार्य करता है, जो निकट क्षेत्रों के यात्रियों के लिये आकर्षण का केंद्र है और आस-पास के क्षेत्रों के लिये बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी की सुविधा प्रदान करता है।
      • इससे पहुँच बढ़ती है और क्षेत्र के आर्थिक विकास में योगदान मिलता है।

विकसित भारत के पहलू क्या हैं?

  • संरचनात्मक परिवर्तन: यह कम उत्पादकता वाले क्षेत्रों (जैसे- कृषि) से उच्च उत्पादकता वाले क्षेत्रों (जैसे- विनिर्माण और सेवाओं) में संसाधनों के स्थानांतरण को संदर्भित करता है।
  • श्रम बाज़ारों को व्यवस्थित करना: इसमें श्रम आपूर्ति की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार करना, श्रमिकों के कौशल एवं रोज़गार क्षमता को बढ़ाना तथा निष्पक्ष एवं कुशल श्रम नियमों को सुनिश्चित करना शामिल है।
  • प्रतिस्पर्द्धात्मकता में वृद्धि: इसमें कंपनियों की दक्षता और नवाचार को बढ़ाना, उत्पादों तथा सेवाओं की गुणवत्ता एवं विविधता में सुधार करना,घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों का विस्तार करना शामिल है।
  • वित्तीय और सामाजिक समावेशन में सुधार: इसका तात्पर्य गरीबों तथा हाशिए पर रहने वाले समूहों के लिये वित्तीय सेवाओं एवं सामाजिक कल्याण योजनाओं की पहुँच और सामर्थ्य का विस्तार करना है।
  • शासन व्यवस्था में सुधार: इसमें शासन की संस्थाओं एवं प्रक्रियाओं को मज़बूत करना शामिल है, जैसे– कानून का शासन, जवाबदेही, पारदर्शिता तथा भागीदारी।
  • हरित क्रांति में अवसरों का लाभ उठाना: इसका तात्पर्य नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता एवं जलवायु लचीलेपन जैसी हरित प्रौद्योगिकियों और प्रथाओं को अपनाना तथा बढ़ावा देना है।

रेलवे और परिवहन से संबंधित सरकार की क्या पहल हैं?

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न  

प्रिलिम्स:

प्रश्न. भारतीय रेलवे द्वारा प्रयोग किये जाने वाले जैव-शौचालयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2015)

  1. जैव-शौचालयों में मानव अपशिष्ट के अपघटन की शुरुआत एक कवक इनोक्युलम द्वारा की जाती है। 
  2. इस अपघटन में अमोनिया और जलवाष्प ही एकमात्र अंतिम उत्पाद हैं जो वायुमंडल में छोड़े जाते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 

(a) केवल 1 
(b) केवल 2 
(c) 1 और 2 दोनों 
(d) न तो 1 और न ही 2 

उत्तर: (d)


मेन्स:

प्रश्न. गति-शक्ति योजना के कनेक्टिविटी के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये सरकार और निजी क्षेत्र के बीच सूक्ष्म समन्वय की आवश्यकता है। विचार-विमर्श कीजिये। (2022)