सालार डे पजोनालेस में मंगल ग्रह जैसा वातावरण | 02 Mar 2026
वैज्ञानिकों ने पाया कि अटाकामा रेगिस्तान में स्थित सालार डे पजोनालेस (Salar de Pajonales) एक नमक का मैदान है, यहाँ जिप्सम एक सूक्ष्म ढाल (microscopic shield) के रूप में कार्य करता है। यह न केवल जीवित सूक्ष्मजीवों की रक्षा करता है, बल्कि उनके प्राचीन जीवाश्मों को भी संरक्षित करता है।
सालार डे पजोनालेस
- सलार डे पजोनालेस: यह उत्तरी चिली में स्थित एक विशाल प्लाया (नमक का मैदान) है, जो अल्टीप्लानो-पुना पठार के पश्चिमी किनारे पर समुद्र तल से लगभग 3,500 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।
- यह अटाकामा क्षेत्र का तीसरा सबसे बड़ा मैदान है (सालार डे अटाकामा और सालार डे पुंटा नेग्रा के बाद)।
- पर्यावरणीय परिस्थितियाँ: यह अटाकामा रेगिस्तान का एक अत्यधिक शुष्क क्षेत्र है जहाँ की पर्यावरणीय परिस्थितियाँ, जैसे कि अत्यधिक शुष्कता, ऊँचाई, तीव्र सौर और पराबैंगनी विकिरण, तापमान में भारी उतार-चढ़ाव और सल्फेट से भरपूर खनिज संरचना, मंगल ग्रह पर पाई जाने वाली चरम स्थितियों के काफी समान हैं।
- जलवैज्ञानिक और भूवैज्ञानिक विशेषताएँ: यह बेसिन भूजल द्वारा पोषित एक अंतर्ग्रही बेसिन है, जिसका अर्थ है कि इसमें कोई बहिर्वाह नहीं है। इसकी सतह पर मुख्य रूप से वाष्पीकरण निक्षेप पाए जाते हैं, जिसमें जिप्सम (कैल्सियम सल्फेट डाइहाइड्रेट) की परतें और स्ट्रोमेटोलाइट्स (स्तरित सूक्ष्मजीवी संरचनाएँ) शामिल हैं।
- मंगल ग्रह पर खगोल जीवविज्ञान का महत्त्व: हाल के शोध में इस बात पर ध्यान केंद्रित किया गया है कि जिप्सम के निक्षेप किस प्रकार जीव-चिह्नों (बायोसिग्नेचर) को संरक्षित करते हैं। अध्ययनों में पाया गया है:
- खनिज के भीतर सुरक्षित सूक्ष्म-आवासों (Microhabitats) में एक्सट्रीमफाइल (extremophile) सूक्ष्मजीवी समुदाय (हेलोफिलिक बैक्टीरिया और आर्किया) सक्रिय रूप से जीवित रहते हैं।
- जिप्सम के अंदर फँसे जीवाश्म सूक्ष्मजीव और मॉलिक्यूलर बायोसिग्नेचर (अणु जैव-हस्ताक्षर) हज़ारों साल पुराने हैं।
- मंगल ग्रह पर जीवन की खोज के लिये नए लक्ष्य: जिप्सम, जो पृथ्वी और मंगल दोनों पर बहुतायत में पाया जाता है, जैविक पदार्थों के लिये एक सुरक्षात्मक भंडार का काम करता है, उन्हें शुष्कता और विकिरण से बचाता है। अध्ययन से पता चलता है कि मंगल ग्रह के प्राचीन जीवन के रहस्यों को सँजोए रखने की प्रबल संभावना को देखते हुए, ऑर्बिटर और रोवर को अपने अन्वेषण के लिये इन जिप्सम भंडारों को प्राथमिकता से लक्षित करना चाहिये।
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