इंडियाAI मिशन और AI इकोसिस्टम | 31 Dec 2025
भारत इंडियाAI मिशन के माध्यम से अपना AI इकोसिस्टम विकसित कर रहा है। इसके लिये ₹10,300 करोड़ का बजट रखा गया है और 38,000 ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) तैनात किये गए हैं। इसका उद्देश्य स्वदेशी कंप्यूटिंग अवसंरचना, स्टार्टअप्स, कौशल विकास, डेटा सेट्स तथा ज़िम्मेदार AI शासन को मज़बूत करना है।
इंडियाAI मिशन क्या है?
- परिचय: इंडियाAI मिशन भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में वैश्विक नेता बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका दृष्टिकोण है: “भारत में AI बनाना और AI को भारत के लिये कारगर बनाना”।
- कार्यान्वयन: इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत एक स्वतंत्र व्यावसायिक विभाग, इंडियाAI द्वारा लागू किया गया है, ताकि एक व्यापक AI इकोसिस्टम बनाया जा सके जो इनोवेशन को बढ़ावा दे, स्टार्टअप्स को सपोर्ट करे, डेटा एक्सेस को बेहतर बनाए और जनकल्याण के लिये AI के ज़िम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करे।
- उद्देश्य: संप्रभु स्वदेशी AI क्षमता बनाना, AI तक समावेशी और किफायती पहुँच को बढ़ावा देना, विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भरता कम करना, सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिये AI को विकास इंजन के रूप में उपयोग करना।
- मुख्य घटक: 38,000 GPUs के माध्यम से उच्च-स्तरीय कंप्यूटिंग का विस्तार, भारतजेन AI जैसे भारतीय फाउंडेशन मॉडल का विकास, AIKosh के माध्यम से राष्ट्रीय डेटा सेट्स का निर्माण, AI स्टार्टअप्स और भारत-विशिष्ट अनुप्रयोगों का समर्थन।
भारत में AI इकोसिस्टम
- विस्तार और रोज़गार: भारत का प्रौद्योगिकी और AI क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है, जिसका राजस्व 280 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक होने तथा 60 लाख से अधिक लोगों को रोज़गार प्रदान करने का अनुमान है।
- स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के 2025 ग्लोबल AI वाइब्रेंसी टूल की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रतिस्पर्द्धा में वैश्विक स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया है।
- नवाचार का आधार: देश में 1,800 से अधिक वैश्विक क्षमता केंद्र हैं, जिनमें 500 से अधिक AI-केंद्रित केंद्र शामिल हैं, साथ ही लगभग 1.8 लाख स्टार्टअप भी हैं।
- स्टार्टअप में AI का महत्त्व: पिछले वर्ष लॉन्च हुए लगभग 89% स्टार्टअप ने अपने उत्पादों या सेवाओं में AI को एकीकृत किया है।
- उद्यम उपयोग: भारत ने नैसकॉम AI एडॉप्शन इंडेक्स में 4 में से 2.45 अंक प्राप्त किये हैं, जिसमें 87% उद्यम सक्रिय रूप से AI समाधानों का उपयोग कर रहे हैं।
- क्षेत्रीय एवं परिपक्वता प्रोफ़ाइल: औद्योगिक एवं ऑटोमोटिव, खुदरा, BFSI और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में AI को अपनाने की दर सबसे अधिक है, जो AI मूल्य में लगभग 60% का योगदान करते हैं, जबकि 26% कंपनियों ने बड़े पैमाने पर AI परिपक्वता हासिल कर ली है।
भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित प्रमुख सरकारी पहलें क्या हैं?
- भारतजेन AI: भारत का पहला सरकारी वित्त पोषित मल्टीमॉडल बहुभाषी लार्ज लैंग्वेज मॉडल, जो टेक्स्ट, स्पीच और इमेज-आधारित AI अनुप्रयोगों के लिये 22 भारतीय भाषाओं का समर्थन करता है।
- सर्वम AI (सॉवरेन LLM इकोसिस्टम): सुरक्षित और कुशल सार्वजनिक सेवा वितरण के लिये एक स्वदेशी जनरेटिव AI पहल, जिसमें स्मार्ट आधार सेवाएँ भी शामिल हैं।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिये उत्कृष्टता केंद्र (COE): स्वास्थ्य सेवा, कृषि, सतत शहर और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार केंद्र, जो बड़े पैमाने पर लागू होने योग्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता समाधान विकसित करने के लिये हैं।
- भाषिनी: एक AI-संचालित बहुभाषी मंच जो 20 से अधिक भारतीय भाषाओं में अनुवाद और वाक् सेवाएँ प्रदान करता है, जिससे नागरिक भाषा या साक्षरता संबंधी बाधाओं की परवाह किये बिना डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं तक पहुँच सकते हैं।
- AI सक्षमता ढाँचा: एक वैश्विक रूप से मानकीकृत क्षमता-विकास कार्यक्रम, जिसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को प्रभावी नीति-निर्माण और भविष्य-उन्मुख शासन के लिये आवश्यक AI दक्षताओं से सुसज्जित करना है।
- इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: फरवरी 2026 में इस समिट की मेज़बानी करेगा, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय AI क्षमताओं को प्रदर्शित करना और नवाचार को बढ़ावा देना है। प्रमुख फ्लैगशिप पहलें निम्नलिखित हैं:
- AI पिच फेस्ट (UDAAN): AI स्टार्टअप्स के लिये वैश्विक मंच, जहाँ नवाचार प्रस्तुत किये जाएंगे, विशेष रूप से महिला नेतृत्व वाली उद्यमियों और विभिन्न क्षमताओं वाले चेंजमेकर्स पर केंद्रित।
- वैश्विक नवाचार चुनौतियाँ: युवाओं, महिलाओं और अन्य नवप्रवर्तकों के लिये खुली चुनौतियाँ, जो वास्तविक विश्व की सार्वजनिक क्षेत्र की समस्याओं के लिये AI-आधारित समाधान को बढ़ावा देती हैं।
- अनुसंधान संगोष्ठी: भारत, ग्लोबल साउथ और विश्व के प्रमुख AI शोधकर्त्ताओं के लिये अंतर्राष्ट्रीय मंच, जो अनुसंधान प्रस्तुत करने, विधियों का आदान-प्रदान तथा वैश्विक सहयोग को सक्षम बनाता है।
- AI एक्सपो: नैतिक और ज़िम्मेदार AI पर केंद्रित प्रदर्शनी, जिसमें भारत तथा 30 से अधिक देशों से 300 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. मिशन के तहत GPUs क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?
ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) वह उच्च कंप्यूटिंग शक्ति प्रदान करते हैं जो AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिये आवश्यक है। भारत ने 38,000 GPUs का उपयोग कर किफायती और सुलभ AI कंप्यूटिंग संसाधन उपलब्ध कराए हैं।
2. मिशन AI स्टार्टअप्स का कैसे समर्थन करता है?
इंडियाएआई स्टार्टअप फाइनेंसिंग स्तंभ के माध्यम से, स्टार्टअप्स को वित्तपोषण, मार्गदर्शन और वैश्विक विस्तार समर्थन (जिसमें यूरोप-केंद्रित कार्यक्रम शामिल हैं) प्रदान किया जाता है।
3. इंडियाएआई मिशन कौशल विकास को कैसे बढ़ावा देता है?
इंडियाएआई फ्यूचर स्किल्स के तहत, पीएचडी, स्नातकोत्तर और स्नातक छात्रों को फेलोशिप दी जाती है तथा टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में AI लैब्स स्थापित की जाती हैं।
4. भाषिनी क्या है?
भाषिनी एक AI-संचालित बहुभाषी मंच है, जो अनुवाद और भाषण सेवाएँ प्रदान करता है तथा भारतीय भाषाओं में डिजिटल समावेशन को बढ़ाता है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)
प्रश्न 1. विकास की वर्तमान स्थिति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), निम्नलिखित में से किस कार्य को प्रभावी रूप से कर सकती है? (2020)
- औद्योगिक इकाइयों में विद्युत की खपत कम करना
- सार्थक लघु कहानियों और गीतों की रचना
- रोगों का निदान
- टेक्स्ट-से-स्पीच (Text-to-Speech) में परिवर्तन
- विद्युत ऊर्जा का बेतार संचरण
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:
(a) केवल 1, 2, 3 और 5
(b) केवल 1, 3 और 4
(c) केवल 2, 4 और 5
(d) 1, 2, 3, 4 और 5
उत्तर: (b)

