लंग्स कैंसर के उपचार हेतु दिशानिर्देश | 09 Feb 2026
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने लंग्स कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) के उपचार एवं उपशामक देखभाल हेतु राष्ट्रीय स्तर पर विकसित दिशानिर्देश जारी किये, ताकि देश भर में इस रोग से संबंधित देखभाल को मानकीकृत किया जा सके और रोगियों के परिणामों में सुधार हो।
लंग्स कैंसर के उपचार और उपशामक दिशानिर्देश
- उद्देश्य: संपूर्ण भारत में लंग्स कैंसर के उपचार और उपशामक देखभाल के लिये एक मानकीकृत, साक्ष्य-आधारित ढाँचा प्रदान करना, जिससे सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य प्रणालियों में चिकित्सकीय प्रथाओं की असमानताओं को कम किया जा सके।
- मुख्य विशेषताएँ: दिशानिर्देशों में 15 साक्ष्य-आधारित सिफारिशें शामिल हैं, जो उपचार और उपशामक दोनों को कवर करती हैं। इन्हें व्यवस्थित साक्ष्य संश्लेषण के माध्यम से विकसित किया गया और भारतीय स्वास्थ्य सेवा की वास्तविकताओं के अनुरूप अनुकूलित किया गया है।
- प्रमुख क्षेत्र: प्राथमिक उपचार, उच्च जोखिम वाले समूहों के लिये सुदृढ़ स्क्रीनिंग, मानकीकृत उपचार मार्ग और उपशामक देखभाल सेवाओं पर विशेष बल।
- संस्थागत समर्थन: इसे स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR) और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, (DGHS) ने प्रमुख ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों और सहयोगी संस्थानों के साथ मिलकर विकसित किया।
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