भारत लगभग 100% रेलवे विद्युतीकरण के करीब | 16 Dec 2025
भारतीय रेलवे अपने लगभग पूरे ब्रॉडगेज नेटवर्क के विद्युतीकरण को पूरा करने के करीब है जिसमें 99 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पहले ही विद्युतीकृत हो चुका है। यह भारत की सतत और कम उत्सर्जन वाली परिवहन प्रणाली की ओर तेज़ी से बढ़ती पहल को रेखांकित करता है।
- उत्सर्जन में कमी और ऊर्जा दक्षता: लगभग पूर्ण विद्युतीकरण के कारण डीज़ल की खपत कम हुई, उत्सर्जन घटा और यह भारतीय रेलवे के नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जक बनने के लक्ष्य का समर्थन करता है।
- भारतीय रेलवे का लक्ष्य वर्ष 2030 तक नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करना है, जो एक राष्ट्रीय रेलवे प्रणाली के लिये विश्व स्तर पर सबसे जल्दी प्राप्त किये जाने वाले लक्ष्यों में से एक है।
- भारतीय रेलवे भारत के सबसे बड़े विद्युत उपभोक्ताओं में से एक है और विद्युतीकरण की ओर बढ़ने से इसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के साथ एकीकृत करना संभव हो जाता है।
- आर्थिक और परिचालन लाभ: कम रखरखाव और ऊर्जा लागत के चलते परिचालन व्यय में कमी आती है।
- सेवाओं की औसत गति और विश्वसनीयता में वृद्धि, जिससे लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई संचालन में सुधार होता है।
- यह भारत को तेज़ माल परिवहन सुनिश्चित करके 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में भी समर्थन करता है।
- वैश्विक महत्त्व: भारत ने 25 राज्यों में अपने ब्रॉडगेज नेटवर्क का 99.2% विद्युतीकरण कर लिया है, जो कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं से आगे है, जो अभी भी डीज़ल पर निर्भर हैं।
- वर्ष 2019–2025 के बीच जो विद्युतीकृत रेल मार्ग किलोमीटर (RKM) जोड़े गए, वे जर्मनी के कुल रेल नेटवर्क के बराबर हैं, जो भारत की ग्रीन ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में वैश्विक नेतृत्व को दर्शाता है।
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