भारत-मालदीव अवसंरचना सहयोग | 01 Jan 2026

स्रोत: TH

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) से हनीमाधू हवाई अड्डे के प्रबंधन के लिये भारतीय कंपनियों को नियुक्त करने के मालदीव के प्रस्ताव की जाँच करने को कहा।

  • संदर्भ: यह कदम वर्ष 2012 में 511 मिलियन अमेरिकी डॉलर के GMR हवाई अड्डे के अनुबंध को रद्द करने और वर्ष 2014 में बीजिंग अर्बन कंस्ट्रक्शन ग्रुप (चीन) को निर्माण कार्य सौंपे जाने के बाद उठाया गया है।
    • इस विवाद का समाधान वर्ष 2016 में तब हुआ, जब सिंगापुर मध्यस्थता केंद्र ने GMR के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए, अनुचित बर्खास्तगी के हर्जाने के रूप में 270 मिलियन अमेरिकी डॉलर का मुआवज़ा देने का आदेश दिया।
  • हनीमाधू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा: यह हा ढालू एटोल (Haa Dhaalu Atoll) के हनीमाधू द्वीप पर स्थित है। भारत सरकार ने 'एक्ज़िम बैंक ऑफ इंडिया' के माध्यम से हनीमाधू हवाई अड्डे के पुनर्विकास हेतु 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ऋण सुविधा (Line of Credit) उपलब्ध कराई है।
    • मालदीव उत्तरी-मध्य हिंद महासागर में स्थित निचले प्रवाल द्वीपों और एटोल की एक शृंखला है, जो भारत और श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है तथा भूमध्यरेखीय क्षेत्र में फैली हुई है।
  • रणनीतिक महत्त्व: यह घटनाक्रम द्विपक्षीय जुड़ाव के नवीनीकरण का संकेत देता है और हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में कनेक्टिविटी, विकास सहायता और रणनीतिक प्रभाव में भारत की भूमिका को मज़बूत करता है।
  • यह घटनाक्रम द्विपक्षीय संबंधों के एक नए अध्याय का संकेत है, जो हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में कनेक्टिविटी, विकासात्मक सहायता और रणनीतिक प्रभाव के मामले में भारत की अग्रणी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करता है।
  • भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI): यह नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है, जिसका गठन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण अधिनियम, 1994 के तहत किया गया है तथा राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण तथा भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण के विलय के बाद 1 अप्रैल, 1995 से परिचालन में है। 
    • यह भारत के नागरिक उड्डयन बुनियादी ढाँचे का विकास, रखरखाव एवं प्रबंधन करता है, जिसमें हवाई अड्डे के संचालन तथा यात्री और मालवाहक टर्मिनल शामिल हैं।

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