देश का पहला ग्राफीन नवाचार केंद्र | 03 Feb 2022

हाल ही में केरल सरकार ने घोषणा की है कि देश का पहला ग्राफीन नवाचार केंद्र (Graphene Innovation Centre) केरल के त्रिशूर में स्थापित किया जाएगा।

  • यह केरल के डिजिटल विश्वविद्यालय, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रौद्योगिकी के लिये सामग्री केंद्र (सी-मेट) और टाटा स्टील लिमिटेड का एक संयुक्त उद्यम है।
  • इससे पहले वर्ष 2020 में हॉन्गकॉन्ग की सिटी यूनिवर्सिटी के शोधकर्त्ताओं ने ग्राफीन मास्क का एक लेज़र-प्रेरित रूप तैयार किया था जो कोरोनावायरस की प्रजातियों को निष्क्रिय करता है।

प्रमुख बिंदु 

ग्राफीन नवाचार केंद्र:

  • यह नवाचार केंद्र एक क्रॉस-फंक्शनल योजना (Cross-Functional Plan) है जो नवीन विचारों को एक सुरक्षित मंच प्रदान करती है।
  • टाइम ज़ोन और महाद्वीपों में व्यक्तिगत एवं सामूहिक सहयोग के अवसरों के साथ यह एक ऐसा स्थान है जो नीवन विचारों के निर्माण, साझाकरण और परीक्षण के माध्यम से नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देता है।
  • केरल के त्रिशूर में 86.41 करोड़ रुपए की लागत से इंडिया इनोवेशन सेंटर फॉर ग्राफीन (India Innovation Centre for Graphene) का निर्माण किया जाएगा।
    • कुल 86.41 करोड़ रुपए में से केंद्र सरकार द्वारा 49.18 करोड़ रुपए और निजी व्यावसायिक घरानों द्वारा 11.48 करोड़ रुपए का योगदान दिया जाएगा।
  • राज्य सरकार परियोजना हेतु बुनियादी ढांँचा मुहैया कराएगी। केंद्र सरकार ग्राफीन उत्पादों को विकसित करने के लिये निवेशकों को आकर्षित करने में मदद करेगी।

महत्त्व: 

  • यह परियोजना वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ-साथ राज्य के औद्योगिक क्षेत्र को भी बढ़ावा देगी।
  • प्रस्तावित केंद्र द्वारा केरल की मानव संसाधन पूंजी का प्रभावी ढंग से दोहन किया जा सकता है, जिससे केरल को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने में मदद मिलेगी।

ग्राफीन:

  • ग्राफीन एक हेक्सागोनल जालिका में व्यवस्थित कार्बन के एक रूप ग्रेफाइट से बने ग्राफीन अणु की मोटाई वाली सामान्य कार्बन की एक पतली परत होती है। कई आश्चर्यजनक गुणों के साथ ग्राफीन अपने आप में एक उल्लेखनीय पदार्थ है।
  • यह लचीला, पारदर्शी और अविश्वसनीय रूप से मज़बूत होने के साथ-साथ दुनिया में सबसे पतला, सबसे अधिक विद्युत और ताप प्रवाहकीय सामग्री है।
  • इसे प्रायः अपने असाधारण विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक्स गुणों के लिये एक अद्भुत सामग्री के रूप में जाना जाता है, ग्राफीन इंडियम की जगह ले सकता है और इस तरह स्मार्टफोन में OLED (ऑर्गेनिक लाइट-एमिटिंग डायोड) स्क्रीन की लागत को कम कर सकता है।
  • ग्राफीन में अतिरिक्त अनुप्रयोगों के लिये बहुत अधिक विकल्प हैं: एंटी-जंग कोटिंग्स और पेंट्स, कुशल एवं सटीक सेंसर, तेज़ और कुशल इलेक्ट्रॉनिक्स, लचीला डिस्प्ले, कुशल सौर पैनल, तेज़ डीएनए अनुक्रमण, दवा वितरण आदि।

Graphene

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस