दृष्टि के NCERT कोर्स के साथ करें UPSC की तैयारी और जानें
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स



रैपिड फायर

बच्चों में मधुमेह मेलिटस पर मार्गदर्शन दस्तावेज़

  • 04 May 2026
  • 17 min read

स्रोत: पीआईबी 

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने “बच्चों में मधुमेह मेलिटस पर मार्गदर्शन दस्तावेज़” को राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में सर्वोत्तम प्रथाओं पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान जारी किया। 

  • मधुमेह मेलिटस: यह एक पुरानी चयापचय संबंधी बीमारी है, जिसकी मुख्य विशेषता रक्त में शर्करा का उच्च स्तर (हाइपरग्लाइसीमिया) होना है। यह या तो इंसुलिन के अपर्याप्त उत्पादन (टाइप 1) के कारण होता है या शरीर द्वारा इंसुलिन का प्रभावी ढंग से उपयोग न कर पाने (टाइप 2) के कारण होता है।
    • यह नसों और रक्त वाहिकाओं को गंभीर एवं दीर्घकालिक क्षति पहुँचाता है, जिसके लिये जीवनशैली में बदलाव और दवाओं की आवश्यकता होती है।
    • इसके लक्षणों में बार-बार यूरिन की समस्या, अत्यधिक प्यास लगना और बिना कारण वज़न कम होना शामिल हैं।
    • टाइप 1 मधुमेह प्रायः बच्चों और युवाओं में पाया जाता है तथा इसका संबंध मुख्यतः आनुवंशिक कारणों से होता है, जबकि टाइप 2 मधुमेह मुख्यतः जीवनशैली से जुड़े कारकों—जैसे मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता और असंतुलित आहार—के साथ-साथ बढ़ती उम्र एवं पारिवारिक इतिहास से प्रभावित होता है।
  • “बच्चों में डायबिटीज़ मेलिटस पर मार्गदर्शन दस्तावेज़”: यह एक राष्ट्रीय स्तर का संरचित दृष्टिकोण है, जिसका उद्देश्य बच्चों में मधुमेह की शीघ्र पहचान, सही निदान, प्रभावी उपचार और आजीवन प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
    • यह 0–18 वर्ष आयु वर्ग के लिये सार्वभौमिक स्क्रीनिंग पर ज़ोर देता है और सामुदायिक स्तर पर पहचान को ज़िला अस्पतालों में उपचार तथा मेडिकल कॉलेजों में उन्नत देखभाल से प्रभावी रूप से जोड़ता है।
    • यह टाइप 1 मधुमेह के शुरुआती चेतावनी संकेतों के प्रति जागरूकता बढ़ाता है: बार-बार शौचालय जाना (Toilet), अधिक प्यास लगना (Thirsty), अत्यधिक थकान (Tired) और वज़न कम होना (Thinner)। 
    • यह ढाँचा निशुल्क और व्यापक देखभाल पैकेज भी प्रदान करता है, जिसमें इंसुलिन थेरेपी, जाँच सेवाएँ तथा निगरानी उपकरण शामिल हैं, जिससे उपचार सुलभ एवं किफायती बनता है। 
      • सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर देखभाल को एकीकृत करके यह निरंतर फॉलो-अप सुनिश्चित करता है, जटिलताओं को रोकता है और बच्चों में गैर-संचारी रोगों (NCDs) के प्रबंधन की भारत की क्षमता को मज़बूत करता है।

और पढ़ें: मधुमेह मेलिटस और तपेदिक 

close
Share Page
images-2
images-2