गंगा विलास क्रूज़ | 13 Jan 2023

हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री ने वाराणसी में विश्व की सबसे लंबी नदी क्रूज़, एमवी गंगा विलास (MV Ganga Vilas) को झंडी दिखाकर रवाना किया। 

Ganga-Vilas-Cruise

प्रमुख बिंदु:

  • परिचय: 
    • क्रूज़ का प्रबंधन निजी ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा,जहाज़रानी, बंदरगाह और जलमार्ग मंत्रालय ((MoPSW) के अंतर्गत भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने परियोजना का समर्थन किया है।
    • यह महाबोधि मंदिर, हज़ारदुआरी पैलेस, कटरा मस्जिद, बोधगया, चंदानगर चर्च, चार बंगला मंदिर और अन्य सहित गंगा नदी के तट पर 40 ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ेगा।
    • गंगा नदी पर राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) तथा ब्रह्मपुत्र पर राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2) को जोड़ने के अलावा, क्रूज 27 नदी प्रणालियों को जोड़ेगा।
      • हल्दिया (सागर) और इलाहाबाद (1620 किमी.) के बीच गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली को वर्ष 1986 में NW-1 घोषित किया गया था।
    • विश्व धरोहर स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों, नदी घाटों और बिहार में पटना, झारखंड में साहिबगंज, पश्चिम बंगाल में कोलकाता, बांग्लादेश में ढाका तथा असम में गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों सहित 50 पर्यटन स्थलों की यात्रा के साथ 51 दिनों की क्रूज़ की योजना बनाई गई है। 
  • महत्त्व:
    • यह सेक्टर प्रदेश के भीतरी क्षेत्रों में रोज़गार के अवसरों में वृद्धि करेगा। 
    • यह परियोजना रिवर क्रूज़ पर्यटन को बढ़ावा देगी और भारत के लिये पर्यटन क्षेत्र में एक नवीन युग का प्रारंभ करेगी। क्रूज़ को दुनिया के सामने भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये तैयार किया गया है। 
    • यह विदेशी पर्यटकों को एक अनुभवात्मक यात्रा शुरू करने तथा भारत और बांग्लादेश की कला, संस्कृति, इतिहास एवं आध्यात्मिकता में शामिल होने का अवसर प्रदान करेगी। 

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI):

  • यह शिपिंग और नेविगेशन के लिये अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास एवं विनियमन हेतु 27 अक्तूबर, 1986 को अस्तित्व में आया। 
  • यह मुख्य रूप से शिपिंग मंत्रालय से प्राप्त अनुदानों के माध्यम से राष्ट्रीय जलमार्गों पर इनलैंड वाटर ट्रांसपोर्ट(IWT) बुनियादी ढाँचे के विकास और रखरखाव के लिये परियोजनाएँ शुरू करता है। 
  • इसका मुख्यालय नोएडा में है और पटना (बिहार), कोलकाता (पश्चिम बंगाल), गुवाहाटी (असम) एवं कोच्चि (केरल) में क्षेत्रीय कार्यालय हैं तथा संपूर्ण भारत के अन्य स्थानों पर उप-कार्यालय हैं। 

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस