ABDM का अध्यक्ष नियुक्त होने वाले पहले भारतीय | 15 Jan 2026

स्रोत: इकॉनोमिक्स टाइम्स 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव द्वारा वरिष्ठ भारतीय राजनयिक डी.बी. वेंकटेश वर्मा को वर्ष 2026-27 के कार्यकाल के लिये निरस्त्रीकरण मामलों पर सलाहकार बोर्ड (Advisory Board on Disarmament Matters- ABDM) का अध्यक्ष नामित किया गया है।

  • ABDM में इससे पूर्व भारतीय राजनयिक सदस्य के रूप में शामिल रहे हैं, लेकिन वर्ष 2026 पहली बार है जब किसी भारतीय को इसका अध्यक्ष (चेयरपर्सन) नियुक्त किया गया है।
  • ABDM: इसकी स्थापना वर्ष 1978 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 10वें विशेष सत्र के पश्चात की गई थी।
    • यह शस्त्र सीमा-निर्धारण (Arms Limitation) एवं निरस्त्रीकरण से संबंधित मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव को परामर्श देने वाली एक विशेषज्ञ सलाहकार संस्था के रूप में कार्य करता है।
  • संरचना: ABDM में कुल 15 सदस्य होते हैं, जिन्हें निरस्त्रीकरण एवं अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा में उनकी विशेषज्ञता के आधार पर विश्व के सभी क्षेत्रों से संयुक्त राष्ट्र महासचिव द्वारा चयनित किया जाता है।
    • संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण अनुसंधान संस्थान (UNIDIR) के निदेशक पदेन (Ex-officio) सदस्य के रूप में कार्य करते हैं तथा अध्यक्ष पद का वार्षिक रूप से क्षेत्र या चर्चा विषय के आधार पर रोटेशन किया जाता है।
  • कार्यप्रणाली एवं सत्र: ABDM वर्ष में दो बार बैठक करता है, जो न्यूयॉर्क और जिनेवा में क्रमशः आयोजित होती हैं।
    • इसकी कार्यसूची संयुक्त राष्ट्र महासचिव की मांगों और बोर्ड की अपनी अनुशंसाओं के आधार पर बनाई जाती है।
    • प्रत्येक सत्र के पश्चात अध्यक्ष महासचिव को एक निजी रिपोर्ट प्रस्तुत करता है, जिसे महासचिव बोर्ड की गतिविधियों पर वार्षिक रिपोर्ट के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा के समक्ष पेश करते हैं।
  • कार्य: बोर्ड संयुक्त राष्ट्र महासचिव को शस्त्र नियंत्रण और निरस्त्रीकरण नीतियों पर परामर्श देता है, संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के भीतर अनुसंधान और अध्ययन का समर्थन करता है, UNIDIR का ट्रस्टी बोर्ड के रूप में कार्य करता है तथा संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण सूचना कार्यक्रम का मार्गदर्शन करता है। यह विशेषज्ञ नेतृत्व वाले सहयोग के माध्यम से वैश्विक शांति और सुरक्षा में योगदान देता है।

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