भू-सीमावर्ती देशों से FDI प्रतिबंधों में ढील | 11 Mar 2026

स्रोत: द हिंदू

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रेस नोट 3 (2020) के तहत प्रतिबंधों में ढील दी है, जिससे रणनीतिक क्षेत्रों के लिये सुरक्षा उपायों को बरकरार रखते हुए, चीन सहित भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से सीमित निवेश की मंजूरी दी गई है।

  • प्रेस नोट (PN) 3 (2020): प्रेस नोट (PN) 3 (2020) के अनुसार, उन देशों से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के लिये सरकार की मंजूरी लेना आवश्यक है जो भारत के साथ अपनी भूमि सीमा साझा करते हैं।
    • इसका प्राथमिक उद्देश्य चीन से निवेश आकर्षित करना है। इसके विपरीत, बांग्लादेश और पाकिस्तान की संस्थाएँ पहले से ही केवल सरकारी चैनलों के माध्यम से निवेश करती हैं, जबकि नेपाल, म्याँमार, भूटान और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से निवेश बहुत कम है।
    • यह नियम कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय कंपनियों के अवसरवादी अधिग्रहणों को रोकने के उद्देश्य से लागू किया गया था। गलवान घाटी संघर्ष के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण इसे जारी रखा गया।

संशोधित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मानदंड

  • स्वचालित मार्ग से 10% तक गैर-नियंत्रणकारी लाभकारी स्वामित्व: भूमि-सीमावर्ती देशों के वे निवेशक जिनके पास 10% तक का गैर-नियंत्रणकारी लाभकारी स्वामित्व है, उन्हें अब स्वचालित मार्ग के तहत अनुमति दी गई है, जो क्षेत्रीय सीमाओं और नियामक शर्तों के अधीन है।
  • लक्षित क्षेत्र: यह छूट सख्ती से पूंजीगत वस्तु, इलेक्ट्रॉनिक पूंजीगत वस्तु, इलेक्ट्रॉनिक घटक, पॉलीसिलिकॉन और सौर सेल के लिये पिंड-वेफर्स पर लागू होती है।
    • राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर प्रतिबंध जारी हैं।
  • स्वामित्व और नियंत्रण की शर्तें: अधिकांश स्वामित्व और नियंत्रण हर समय भारतीय निवासी नागरिकों या भारतीय स्वामित्व वाली संस्थाओं के पास रहना चाहिये।
    • मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी नियमों का पालन करते हुए, प्रॉक्सी निवेशों को रोकने के लिये अब निवेशक इकाई स्तर पर लाभकारी स्वामित्व का परीक्षण किया जाएगा।
  • समयबद्ध मंजूरी: व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिये, सरकार ने इन निवेश प्रस्तावों पर कार्रवाई करने और निर्णय लेने के लिये 60 दिनों की सख्त समय सीमा निर्धारित की है।
  • अनिवार्य रिपोर्टिंग: स्वचालित मार्ग के अंतर्गत किये गए ऐसे सभी निवेशों के लिये निवेश प्राप्त करने वाली इकाई को उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT) को संबंधित विवरण रिपोर्ट करना आवश्यक है।
    • मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में सचिवों की एक समिति (COS) का गठन किया गया है, जिसे निर्दिष्ट अनुमत क्षेत्रों की सूची में संशोधन करने का अधिकार दिया गया है।
  • नीति बदलाव के कारण: आर्थिक समीक्षा 2023-24 ने असामरिक क्षेत्रों में चीनी निवेश की सिफारिश की थी, ताकि निर्यात बढ़ाया जा सके और आत्मनिर्भर भारत को प्रोत्साहित किया जा सके।
    • PN3 प्रतिबंध उन वैश्विक प्राइवेट इक्विटी (PE) और वेंचर कैपिटल (VC) फंडों को भी प्रभावित कर रहे थे, जिनमें मामूली चीनी निवेश शामिल था।
    • यह कदम होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर उत्पन्न तनाव से जुड़े वैश्विक आपूर्ति शृंखला संकटों के जवाब में उठाया गया है।
    • यह भारत–चीन के बीच कूटनीतिक संबंधों में धीरे-धीरे सुधार को दर्शाता है, जिसमें कैलाश मानसरोवर यात्रा का पुनः आरंभ और प्रत्यक्ष उड़ानों की बहाली शामिल हैं।

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