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चीन से संबंधित संस्थाओं के लिये FDI नियमों में सुस्तता

  • 06 May 2026
  • 19 min read

स्रोत: द हिंदू 

भारत सरकार ने विदेशी कंपनियों (जो सीमावर्ती देशों में पंजीकृत नहीं हैं) के लिये FDI मानदंडों को उदार बनाया है, जिनमें चीनी या हाॅन्गकाॅन्ग की 10% तक की शेयरधारिता है। ये कंपनियाँ अब स्वचालित मार्ग के माध्यम से भारत में निवेश कर सकती हैं, बशर्ते वे "नियंत्रण" का प्रयोग न करें और निवेश अनुमत क्षेत्र में हो।

  • प्रेस नोट 3 (2020) में सुस्तता: नया प्रेस नोट 2 (2026 सीरीज़) प्रेस नोट 3 के नियमों में संशोधन करता है, जिसमें भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से हिस्सेदारी की परवाह किये बगैर सभी निवेशों के लिये सरकारी अनुमति अनिवार्य थी।
    • यह सुस्तता सीमित हिस्सेदारी वाले चीनी या हाॅन्गकाॅन्ग संस्थाओं के निवेश के लिये अधिक सहजता की अनुमति देती है। वर्तमान में, अप्रैल 2000 से दिसंबर 2025 के बीच भारत के कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्रवाह में चीन की हिस्सेदारी मात्र 0.32% (2.51 अरब अमेरिकी डॉलर) है, जो निवेशक देशों में 23वें स्थान पर है।
  • लाभकारी स्वामी की परिभाषा: कानूनी स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिये, सरकार ने इस शब्द को धन-शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के अनुरूप कर दिया है, जहाँ "लाभकारी स्वामित्व" को 10% से अधिक के नियंत्रणकारी स्वामित्व हित के रूप में परिभाषित किया गया है।
  • फेमा (FEMA) और पीएमएलए (PMLA) का समन्वय: आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) ने औपचारिक रूप से विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण साधन) नियम, 2019 में संशोधन किया है, ताकि स्वचालित मार्ग के तहत निवेश के लिये इस 10% छूट को आवश्यक कानूनी समर्थन प्रदान किया जा सके।
  • रणनीतिक सुरक्षा उपाय: वास्तव में चीन, हाॅन्गकाॅन्ग, या अन्य भूमि-सीमा वाले देशों (पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्याँमार और अफगानिस्तान) में पंजीकृत संस्थाओं पर सख्त प्रतिबंध लागू होते रहेंगे; उन्हें अभी भी किसी भी निवेश के लिये पूर्व सरकारी अनुमति की आवश्यकता होगी।
  • अनिवार्य रिपोर्टिंग: यदि कोई निवेश 10% नियम के तहत स्वचालित मार्ग के लिये पात्र भी है, तो भारतीय निवेश प्राप्त करने वाली कंपनी को निगरानी उद्देश्यों के लिये भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को लेन-देन की रिपोर्ट करना आवश्यक है।
  • बहुपक्षीय निकायों के लिये छूट: बहुपक्षीय बैंकों या निवेशों (जिनमें भारत सदस्य है; जैसे एशियाई विकास बैंक - ADB, एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक - AIIB) से निवेश अब "भूमि आबद्ध देश" प्रतिबंध के तहत वर्गीकृत होने से छूट प्राप्त हैं, जिससे वैश्विक संस्थानों से पूंजी प्रवाह आसान हो गया है।

और पढ़ें: भू-सीमावर्ती देशों से FDI प्रतिबंधों में ढील

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