रैपिड फायर
समुद्री बंदरगाहों पर ई-वीज़ा का विस्तार
- 24 Apr 2026
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गृह मंत्रालय ने ई-वीज़ा धारक विदेशी नागरिकों के लिये 14 अतिरिक्त समुद्री बंदरगाहों को आव्रजन जाँच चौकियों (ICP) के रूप में अधिसूचित किया है। ई-वीज़ा सुविधा का विस्तार गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बंदरगाहों तक किया गया है।
- आव्रजन अवसंरचना: भारत में वर्तमान में वायु, समुद्र, भूमि, रेल और नदी मार्गों पर 114 आव्रजन जाँच चौकियाँ (ICPs) हैं, जिनमें 37 समुद्री बंदरगाह शामिल हैं, लेकिन ई-वीज़ा प्रवेश केवल 32 निर्दिष्ट हवाई अड्डों और 33 समुद्री बंदरगाहों तक सीमित है।
- ई-वीज़ा ढाँचा: भारत की ई-वीज़ा सुविधा 207 देशों (चीन, पाकिस्तान, यमन और ईरान जैसे कुछ देशों को छोड़कर) के नागरिकों के लिये उपलब्ध है और यह पर्यटन, व्यवसाय, चिकित्सा, छात्र तथा ट्रांजिट जैसी विभिन्न श्रेणियों में प्रदान की जाती है। इसकी वैधता वीज़ा के प्रकार के अनुसार एक महीने से लेकर पाँच वर्ष तक हो सकती है।
- उद्देश्य और विनियमन: ICP सुरक्षा जाँच, पहचान सत्यापन और आव्रजन कानूनों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिये महत्त्वपूर्ण प्रवेश बिंदु के रूप में कार्य करते हैं, जबकि ई-वीज़ा प्रवेश केवल अधिसूचित बंदरगाहों तक ही सख्ती से सीमित है।
- नियमित वीज़ा की आवश्यकता वाले बंदरगाह: जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (न्हावा शेवा), चेन्नई, कोलकाता, कोचीन, विशाखापत्तनम और मोर्मुगाओ जैसे प्रमुख बंदरगाह ई-वीज़ा प्रवेश के लिये निर्दिष्ट नहीं हैं, इसलिये यात्रियों को पहले से पारंपरिक वीज़ा प्राप्त करना आवश्यक होता है।
- महत्त्व: यह विस्तार समुद्री संपर्क और प्रवेश की सुविधा को बढ़ाता है, साथ ही भारत के तटीय प्रवेश द्वारों पर आव्रजन नियंत्रण और नियामकीय निगरानी को और दृढ़ करता है।