रैपिड फायर
सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम
- 04 May 2026
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संचार मंत्रालय ने स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (CBS) लॉन्च किया है। इसकी क्षमता के प्रथम बड़े पैमाने पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के माध्यम से भारत के आपदा प्रबंधन ढाँचे को प्रतिक्रियात्मक से सक्रिय दृष्टिकोण की ओर अग्रसर करने की दिशा में यह एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
- यह प्रणाली पहले ही आंध्र प्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड जैसे राज्यों में आपदा स्थितियों तथा चारधाम यात्रा जैसे आयोजनों के दौरान उपयोग में लाई जा चुकी है।
- CBS का परिचय: सेल ब्रॉडकास्ट एक ऐसी तकनीक है, जिसके माध्यम से किसी निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र के अंतर्गत अनेक मोबाइल फोन पर एक साथ संक्षिप्त संदेश भेजे जाते हैं। इसका विकास 1990 के दशक के प्रारंभ में यूरोपीय दूरसंचार मानक संस्थान द्वारा किया गया था। इसे वैश्विक आपदा न्यूनीकरण मानक बनने से पूर्व पहली बार वर्ष 1997 में पेरिस में प्रदर्शित किया गया था।
- वर्तमान में भारत एक SMS-आधारित अलर्ट प्रणाली का उपयोग कर रहा है, जो सभी 36 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में संचालित है।
- मुख्य कार्य: यह कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) आधारित सचेत (SACHET) प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत है, जिससे व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों या इंटरनेट कनेक्टिविटी की आवश्यकता के बिना मोबाइल उपकरणों पर अलर्ट भेजे जा सकते हैं।
- SACHET भारत की एक एकीकृत चेतावनी प्रणाली (जिसे राष्ट्रीय आपदा अलर्ट प्लेटफॉर्म भी कहा जाता है) है, जिसे आपदाओं और आपात स्थितियों (जैसे- फ्लैश फ्लड, सुनामी या गैस रिसाव) के बारे में वास्तविक समय में चेतावनी प्रसारित करने के लिये विकसित किया गया है।
- स्वदेशी विकास: इसे दूरसंचार विभाग (DoT) के अधीन सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और गृह मंत्रालय (MHA) के साथ साझेदारी में स्वदेशी रूप से विकसित किया गया था।
- अविस्मरणीय अलर्ट: संदेश साइलेंट/डू-नॉट-डिस्टर्ब मोड को भी ओवरराइड करते हैं, इनमें सायरन, कंपन (वाइब्रेशन) और पॉप-अप संदेश शामिल होते हैं तथा ये कई भाषाओं (अंग्रेज़ी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं) में उपलब्ध होते हैं।
- SMS पर तकनीकी श्रेष्ठता: पारंपरिक SMS के विपरीत, सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (CBS) एक 'वन-टू-मेनी' (एक-से-कई) ब्रॉडकास्ट सिस्टम है। यह बिना फोन नंबर, उपयोगकर्त्ता पंजीकरण, ऐप या सब्सक्रिप्शन की आवश्यकता के, कुछ ही सेकंड के भीतर लाखों उपकरणों पर एक साथ भौगोलिक रूप से लक्षित अलर्ट भेजता है।
- यह नेटवर्क भीड़ से प्रभावित नहीं होता, 2G से 5G तक सभी नेटवर्क पर कार्य करता है, रोमिंग उपयोगकर्त्ताओं और अंतिम छोर की आबादी तक कवरेज सुनिश्चित करता है तथा किसी भी व्यक्तिगत डेटा का उपयोग नहीं करता।
- राष्ट्रीय एवं वैश्विक प्रभाव: यह “सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र” के लक्ष्य का समर्थन करते हुए भारत की प्रारंभिक चेतावनी क्षमता को मज़बूत करता है।
- सी-डॉट (C-DOT) ने मॉरीशस, कंबोडिया, अल साल्वाडोर और श्रीलंका जैसे देशों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (CBS) का सफल प्रदर्शन किया है। यह संयुक्त राष्ट्र की 'सभी के लिये प्रारंभिक चेतावनी' पहल के अनुरूप है।
- भारत इस तकनीक को लागू करने वाले 30 से अधिक देशों में शामिल हो गया है, जिनमें जापान (J-Alert, 2007 में पहला अपनाने वाला देश) और अमेरिका भी शामिल हैं।
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