CAPF (सामान्य प्रशासन) अधिनियम, 2026 | 10 Apr 2026
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) अधिनियम, 2026 की अधिसूचना के बाद सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवारों द्वारा विरोध प्रदर्शन किये गए, जिससे सेवा-शर्तों, कैडर अधिकारों एवं भारत के आंतरिक सुरक्षा बलों की नेतृत्व संरचना को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं।
- विरोध प्रदर्शन: 9 अप्रैल, 2026 को राजघाट पर हुए विरोध प्रदर्शन संयोगवश CRPF शौर्य दिवस के दिन हुए (इसे वर्ष 1965 के कच्छ के रण के युद्ध की स्मृति में मनाया जाता है)। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, समयबद्ध पदोन्नति तथा सम्मानजनक कॅरियर प्रगति की मांग की।
CAPF (सामान्य प्रशासन) अधिनियम, 2026
- यह अधिनियम सभी पाँच CAPFs (BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB) में शीर्ष नेतृत्व पदों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के लिये विधिक रूप से आरक्षित करता है, जैसे:
- इंस्पेक्टर जनरल (IG) रैंक के पदों में 50%।
- अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) रैंक के पदों में कम-से-कम 67%।
- विशेष महानिदेशक और महानिदेशक (DG) रैंक के पदों में 100%।
- यह अधिनियम गृह मंत्रालय को प्रमुख प्रशासनिक निकाय के रूप में निर्धारित करता है। इसके तहत यह भी प्रावधान है कि भर्ती, प्रतिनियुक्ति और सेवा-शर्तों से संबंधित बनाए गए नियम किसी भी अन्य मौजूदा विधि, आदेश या न्यायालय के निर्णयों पर प्रभावी होंगे।
- सरकार का तर्क: केंद्र सरकार का तर्क है कि CAPFs को अक्सर राज्य पुलिस और सिविल प्रशासन (जिनका नेतृत्व IPS और IAS अधिकारी करते हैं) के साथ निकट समन्वय में कार्य करना पड़ता है, इसलिये CAPFs में IPS अधिकारियों का नेतृत्व होने से संचालन में बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा।
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सरकार का यह भी कहना है कि ऐसा व्यापक विधान विधायी स्पष्टता प्रदान करने तथा बलों की परिचालन विशिष्टता को बनाए रखने के लिये आवश्यक है।
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चिंताएँ: CAPF कर्मियों का तर्क है कि यह अधिनियम वर्ष 2025 के सर्वोच्च न्यायालय के उस निर्देश को अप्रभावी करता है जिसमें केंद्र से कहा गया था कि IG रैंक तक IPS प्रतिनियुक्ति को दो वर्षों में “क्रमिक रूप से कम” किया जाए। इससे बलों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
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ग्रुप ‘A’ के लगभग 13,000 अधिकारी पदोन्नति में विलंब का सामना कर रहे हैं जहाँ उच्च स्तर पर सीमित पदों के कारण उन्हें अक्सर 15–18 वर्षों तक इंतज़ार करना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि CAPF अधिकारी अग्रिम मोर्चे पर कार्य करते हैं, जबकि वरिष्ठ पदों पर मुख्यतः IPS अधिकारी नियुक्त होते हैं।
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