CAR T-सेल थेरैपी में उल्लेखनीय प्रगति | 10 Feb 2026

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस 

चर्चा में क्यों? 

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे द्वारा बायोमटेरियल साइंस पत्रिका में प्रकाशित एक नवीन अध्ययन ने प्रयोगशाला में विकसित T-सेल (T-कोशिकाओं) को पुनः प्राप्त करने की एक विधि को प्रदर्शित किया है।

  • कैंसर प्रतिरक्षा-चिकित्सा, विशेषतः CAR T-सेल थेरैपी, में यह प्रगति भारत में उन्नत कैंसर उपचार को अधिक विश्वसनीय और किफायती बनाने की क्षमता रखती है।

T-सेल और CAR T-सेल थेरैपी क्या हैं?

  • T-सेल: ये श्वेत रक्त कोशिकाओं का एक प्रकार हैं, जो शरीर में अग्रिम प्रतिरक्षा के रूप में भूमिका निभाती हैं। ये रक्त परिसंचरण में संयुग्मित होती हैं ताकि संक्रमणों या कैंसर जैसी असामान्य कोशिकाओं का पता लगाया जा सके।
    • किसी खतरे के डिटेक्ट होने पर ये या तो प्रत्यक्ष रूप से आगामी खतरे को रोक देती हैं अथवा अन्य प्रतिरक्षा कोशिकाओं को सहायता हेतु संकेत देती हैं।
  • CAR T-सेल थेरैपी: यह एक आधुनिक उपचार पद्धति है, जिसमें रोगी की T-सेल को एकत्र कर प्रयोगशाला में आनुवंशिक रूप से परिवर्तित किया जाता है।
    • वैज्ञानिक इन कोशिकाओं में काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर (CAR) से युक्त एक जीन को जोड़ते हैं।
    • ये रिसेप्टर ट्रैकर की भाँति कार्य करते हैं, जो T-सेल को विशिष्ट कैंसर सेल की पहचान कर उन्हें नष्ट करने हेतु निर्देशित करते हैं।
    • वर्तमान में यह उपचार ल्यूकेमिया और लिंफोमा जैसे कुछ रक्त कैंसरों के लिये स्वीकृत है।
  • नेक्सCAR19: वर्ष 2023 में नेक्सCAR19 भारत की पहली स्वदेशी रूप से स्वीकृत CAR T-सेल थेरैपी बनी। इसका विकास IIT बॉम्बे, टाटा मेमोरियल सेंटर और इम्यूनो ACT (IIT बॉम्बे में इनक्यूबेटेड एक कंपनी) के सहयोग से किया गया।
    • विश्व की सर्वाधिक किफायती CAR T-थेरैपी होने के कारण यह भारत को उन्नत कोशिका एवं जीन उपचार के वैश्विक मानचित्र पर एक उचित स्थान प्रदान करती है

IIT बॉम्बे के CAR T-सेल थेरैपी अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष क्या हैं?

  • सेल रिकवरी (कोशिका पुनर्प्राप्ति): 3D स्कैफोल्ड्स (जो मानव शरीर की नकल करते हैं) में T-सेल्स  को विकसित करना कोशिकाओं की वृद्धि के लिये प्रभावी होता है, लेकिन उनसे कोशिकाओं को वापस निकालना कठिन हो जाता है।
    • T-सेल्स रेशेदार स्कैफोल्ड्स को मज़बूती से पकड़ लेती हैं और उन्हें निकालने के कठोर तरीके (जैसे– ट्रिप्सिन का उपयोग) उन्हें क्षतिग्रस्त कर देते हैं।
    • पारंपरिक निष्कर्षण विधियों में ट्रिप्सिन (Trypsin) या ट्रिपएल (TrypLE) जैसे कठोर एंज़ाइमों का उपयोग किया जाता है, जो कोशिकाओं से आवश्यक प्रोटीन हटा देते हैं, जिससे उनकी प्रभावशीलता कम हो जाती है या वे नष्ट हो जाती हैं।
  • कुशल पुनर्प्राप्ति: IIT बॉम्बे की टीम ने पाया कि ट्रिप्सिन (Trypsin) के बजाय 'एक्यूटेस' (Accutase) नामक व्यावसायिक रूप से उपलब्ध एंज़ाइम का उपयोग करने से कोशिकाओं को सौम्य तरीके से अलग किया जा सकता है।
    • एक्यूटेस (Accutase) कोशिकाओं की बाहरी झिल्ली को नुकसान पहुँचाए बिना उन्हें 3D स्कैफोल्ड से प्रभावी ढंग से मुक्त कर देता है।
    • एक्यूटेस (Accutase) द्वारा प्राप्त कोशिकाओं ने उच्च उत्तरजीविता, संरक्षित प्रतिरक्षा कार्य और स्वस्थ समूहों का निर्माण प्रदर्शित किया, जो कैंसर थेरैपी के लिये उनकी बेहतर तत्परता का संकेत है।

महत्त्व

  • वर्तमान में वैश्विक स्तर पर CAR T-सेल थेरैपी की लागत ₹3-4 करोड़ तक होती है। लैब में तैयार की गई महंगी कोशिकाओं की बर्बादी को कम करके और दक्षता में सुधार करके यह विधि भारतीय पहलों (जैसे– ImmunoACT) को वैश्विक कीमत के एक छोटे से हिस्से तक लागत कम करने में मदद करती है।
    • स्वस्थ T-सेल्स की अधिक सुसंगत आपूर्ति का अर्थ है कि रोगी में वापस प्रविष्ट (इन्फ्यूज़) किये जाने पर इस थेरैपी की सफलता की संभावना अधिक होती है।
  • यह भारत की बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में बढ़ती क्षमता को रेखांकित करता है, जहाँ देश जेनेरिक दवा निर्माण से आगे बढ़कर जटिल उपचारों में नवीन प्रक्रिया नवाचार की ओर अग्रसर हो रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. T-सेल क्या हैं?
T-सेल श्वेत रक्त कोशिकाओं का एक प्रकार हैं, जो संक्रमित या कैंसरग्रस्त कोशिकाओं की पहचान कर उन्हें नष्ट करने के माध्यम से प्रतिरक्षा रक्षा में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।

2. CAR T-सेल थेरैपी क्या है?
CAR T-सेल थेरैपी कैंसर इम्यूनोथेरैपी का एक रूप है, जिसमें रोगी की T-सेल्स को आनुवंशिक रूप से संशोधित किया जाता है ताकि वे काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर (CAR) व्यक्त करें, जो विशिष्ट कैंसर कोशिकाओं को लक्षित करते हैं।

3. वर्तमान में किन कैंसरों में CAR T-सेल थेरैपी का उपयोग किया जाता है?
CAR T-सेल थेरैपी को मुख्य रूप से कुछ रक्त कैंसरों, विशेषकर ल्यूकेमिया और लिंफोमा के उपचार के लिये अनुमोदित किया गया है।

4. CAR T-सेल थेरैपी में T-सेल रिकवरी क्यों महत्त्वपूर्ण है?
क्षतिग्रस्त या गैर-कार्यात्मक T-सेल्स उपचार की प्रभावशीलता को कम कर देती हैं, इसलिये प्रयोगशाला में विकसित कोशिकाओं की सुरक्षित और प्रभावी पुनर्प्राप्ति अत्यंत आवश्यक होती है।

5. NexCAR19 क्या है?
NexCAR19 भारत की पहली स्वदेशी CAR T-सेल थेरैपी है, जिसे 2023 में मंज़ूरी मिली। इसे IIT बॉम्बे, टाटा मेमोरियल सेंटर और ImmunoACT द्वारा विकसित किया गया है।

6. CAR T-सेल थेरैपी महंगी क्यों है?
इसकी उच्च लागत का कारण जटिल कोशिका इंजीनियरिंग, विशेषीकृत प्रयोगशाला अवसंरचना और जीवित व कार्यक्षम T-सेल्स की कम पुनर्प्राप्ति दर है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)  

प्रिलिम्स

प्रश्न. निम्नलिखित कथनों में कौन-सा एक, मानव शरीर में B कोशिकाओं और T कोशिकाओं की भूमिका का सर्वोत्तम वर्णन है? (2022)

(a) वे शरीर को पर्यावरणीय प्रत्यूर्जकों (एलर्जनों) से संरक्षित करती हैं।

(b) वे शरीर के दर्द और सूजन का अपशमन करती हैं।

(c) वे शरीर के प्रतिरक्षा-निरोधकों की तरह काम करती हैं।

(d) वे शरीर को रोगजनकों द्वारा होने वाले रोगों से बचाती हैं।

उत्तर: (d)