बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य | 28 Mar 2026
पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के साथ-साथ रणनीतिक बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य को शस्त्रीकरण करने की धमकी दी है, जिससे उसके क्षेत्रों पर आक्रमण होने की स्थिति में वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिये गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
- गैर-राज्य अभिनेताओं की भूमिका: यमन में ईरान समर्थित हैती भौगोलिक और सैन्य रूप से लाल सागर और बाब-अल-मंडेब में व्यवधान उत्पन्न करने के लिये सक्षम है, जिससे प्रभावी रूप से संघर्ष का दायरा फारस की खाड़ी और ओमान सागर से कहीं आगे तक विस्तारित हो जाता है।
- बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य: अरबी में इसका अर्थ है ‘आँसुओं का द्वार’ या ‘शोक का द्वार’ ऐतिहासिक रूप से यह इसके जलक्षेत्र में नौकायन से जुड़े खतरों को संदर्भित करता है।
- यह अरब प्रायद्वीप और हॉर्न ऑफ अफ्रीका के बीच स्थित एक सँकरा समुद्री चोकपॉइंट (सामरिक मार्ग) है।
- यह उत्तर-पश्चिम में लाल सागर को दक्षिण-पूर्व में अदन की खाड़ी और अरब सागर/हिंद महासागर से जोड़ता है।
- सीमावर्ती राष्ट्र: यह जलडमरूमध्य एशियाई तट पर स्थित यमन को अफ्रीकी तट पर स्थित जिबूती और इरिट्रिया से अलग करता है।
- भौगोलिक संरचना: यह 20 मील (32 किमी.) चौड़ा जलडमरूमध्य है। पेरीम द्वीप (जो यमन से संबंधित है) इसे दो चैनलों में विभाजित करता है।
- आर्थिक महत्त्व: बाब-अल-मंडेब होते हुए लाल सागर से स्वेज़ नहर तक का मार्ग विश्व के सबसे महत्त्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।
- बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य हिंद महासागर से लाल सागर में प्रवेश करने का एकमात्र मार्ग है और यह स्वेज़ नहर से जुड़ता है, जिससे एशिया और यूरोप के बीच एक महत्त्वपूर्ण व्यापार मार्ग बनता है।
- बाब-अल-मंडेब फारस की खाड़ी से वैश्विक बाज़ारों तक कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की आवाजाही के लिये एक महत्त्वपूर्ण मार्ग है।
- यह मार्ग वैश्विक व्यापार के लगभग 10-12% और वैश्विक कंटेनर यातायात के लगभग 30% के लिये महत्त्वपूर्ण है।
- इसके अतिरिक्त, यह फारस की खाड़ी, एशिया से यूरोप और अमेरिका तक कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के परिवहन के लिये एक आवश्यक पारगमन मार्ग के रूप में कार्य करता है।
- जब यह जलडमरूमध्य बाधित होता है, जब यह जलडमरूमध्य खतरनाक हो जाता है, तो अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को अपने जहाज़ों को दक्षिण अफ्रीका में केप ऑफ गुड होप के रास्ते मोड़ना पड़ता है। इस मार्ग परिवर्तन से यात्रा में 10 से 14 दिन अधिक लगते है, जिसका सीधा परिणाम वैश्विक माल ढुलाई दरों और बीमा लागतों में वृद्धि के रूप में होता है, जो अंततः मुद्रास्फीति को बढ़ाता है।
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