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प्रवर्तन निदेशालय के 70 वर्ष

  • 04 May 2026
  • 19 min read

स्रोत: द हिंदू

प्रवर्तन निदेशालय (ED), जो 1 मई 1956 को स्थापित हुआ, ने 1 मई, 2026 को अपने 70 वर्ष पूरे किये।

प्रवर्तन निदेशालय

  • परिचय: प्रवर्तन निदेशालय (ED) भारत की एक प्रमुख वित्तीय जाँच एजेंसी है। यह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन कार्य करता है और इसका प्राथमिक कार्य आर्थिक कानूनों को लागू करना और वित्तीय अपराधों से बचना है।
    • यह एक कार्यकारी निकाय (गैर-वैधानिक और गैर-संवैधानिक) है जिसका क्षेत्राधिकार संपूर्ण भारत में है। यह मुख्य रूप से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) और फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) से अपनी शक्तियाँ प्राप्त करता है, साथ ही फ्यूज़िटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट, 2018 जैसे पूरक कानून भी।
  • प्रमुख अधिदेश (कोर मैंडेट्स): प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA) के तहत ईडी को "अपराध की आय" (proceeds of crime) की जाँच करने, अवैध गतिविधियों से प्राप्त मानी जाने वाली संपत्ति को कुर्क और ज़ब्त करने का अधिकार है।
  • संगठनात्मक संरचना: ED का नेतृत्व एक निदेशक करता है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। ED के 10 क्षेत्रीय कार्यालय (जैसे- चेन्नई, कोलकाता, चंडीगढ़ आदि) हैं, जिनमें से प्रत्येक का नेतृत्व एक उप निदेशक (Deputy Director) करता है और 11 उप-क्षेत्रीय कार्यालय (जैसे- जयपुर, जालंधर, श्रीनगर आदि) हैं, जिनमें से प्रत्येक का नेतृत्व एक सहायक निदेशक करता है।
    • अधिकारी भारतीय राजस्व सेवा (IRS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और एजेंसी के अपने कैडर से लिये जाते हैं।

ED बनाम CBI:

विशेषता

प्रवर्तन निदेशालय (ED)

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)

केंद्र

वित्तीय अपराध (मनी लॉन्ड्रिंग/विदेशी मुद्रा)

भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराध, विशेष अपराध

संबंधित मंत्रालय

वित्त मंत्रालय

कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय

प्राथमिक कानून

PMLA और FEMA

दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम, 1946

कुर्की करने की शक्ति

जाँच के दौरान संपत्ति ज़ब्त की जा सकती है

कुर्की के लिये आमतौर पर न्यायालय के आदेश की आवश्यकता होती है।

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