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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद: भारत अस्थायी सदस्य | 19 Jun 2020 | अंतर्राष्ट्रीय संबंध

इस Editorial में The Hindu, The Indian Express, Business Line आदि में प्रकाशित लेखों का विश्लेषण किया गया है। इस लेख में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की अस्थायी सदस्यता व उससे संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है। आवश्यकतानुसार, यथास्थान टीम दृष्टि के इनपुट भी शामिल किये गए हैं।

संदर्भ

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council-UNSC) वैश्विक सुरक्षा प्रबंधन का सबसे बड़ा मंच माना जाता है। सुरक्षा परिषद पर विश्व में शांति-व्यवस्था को बनाए रखने और सामूहिक सुरक्षा के सिद्धांत का अनुपालन सुनिश्चित कराने का उत्तरदायित्व रहता है। समय-समय पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता में परिवर्तन होता रहता है। हाल ही में भारत 8वीं बार सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य (Non-Permanent Members) चुना गया है। भारत, वर्ष 2021-22 के बीच सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज़ कराएगा।

इस आलेख में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के इतिहास, संगठन, उसकी भूमिका, अस्थायी  सदस्यता तथा सुरक्षा परिषद की संरचना में सुधार की आवश्यकता और भारत की दावेदारी के संदर्भ में विभिन्न पहलूओं पर विमर्श करने का प्रयास किया जाएगा।

सुरक्षा परिषद: पृष्ठभूमि 

क्या है अस्थायी सदस्यता?

चुनाव की प्रक्रिया

पूर्व में भी भारत अस्थायी सदस्य रहा 

सुरक्षा परिषद की भूमिका तथा शक्तियाँ

सुरक्षा परिषद में परिवर्तन की आवश्यकता क्यों?

सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी  दावेदारी के पक्ष में तर्क 

सुरक्षा परिषद में अन्य समूहों की दावेदारी

चुनौतियाँ 

स्थायी सदस्यता प्राप्त करने के लाभ

निष्कर्ष

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की अस्थायी सदस्यता निश्चित तौर पर स्थायी सदस्यता की दिशा में अग्रसर होने के लिये एक महत्त्वपूर्ण प्रयास होगा। स्थायी सदस्यता भारत को वैश्विक राजनीति के स्तर पर अमेरिका, ब्रिटेन, फ्राँस, चीन और रूस के समकक्ष लाकर खड़ा कर देगा। अतः संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिये भारत को भी और अधिक गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता है। 

प्रश्न- ‘भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता प्राप्त कर ली है’। सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के संदर्भ में अपनाई जाने वाली चुनाव प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी  दावेदारी के पक्ष में तर्क प्रस्तुत कीजिये।