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संरक्षण प्रयासों हेतु सही नीति | 17 Nov 2018 | जैव विविधता और पर्यावरण

संदर्भ

हाल ही में महाराष्ट्र के यवतमाल ज़िले में नरभक्षी बाघिन अवनि को मार दिया गया। माना जाता है कि इस बाघिन ने पिछले दो सालों में लगभग 13-14 लोगों की जान ली थी। इस बाघिन के नरभक्षी होने के बावजूद इसकी हत्या का विरोध भी किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अवनि को अधिकारिक रूप से टी-1 के नाम से जाना जाता था। दरअसल, यह घटनाक्रम वन्यजीवों के संरक्षण हेतु प्रयासों की सच्ची तश्वीर पेश करता है। यह कोई अद्वितीय या नई घटना नहीं है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष भारत में स्थानिक है। इसे आमतौर पर विकास गतिविधि की नकारात्मकता और प्राकृतिक आवासों में गिरावट के रूप में चित्रित किया जा सकता है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष (man-animal conflict) के कारण

वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 क्या है?

चुनौतियाँ

वन अधिकार अधिनियम, 2006

पर्यावरण बहस बनाम अधिक पारंपरिक विकास

आगे की राह