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भारत-UK संबंध | 21 Apr 2022 | अंतर्राष्ट्रीय संबंध

यह एडिटोरियल 19/04/2022 को ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित “A New Shine To Old Ties” लेख पर आधारित है। इसमें UK के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों में हाल की प्रगति और उनके संबंधों में मौजूद प्रमुख अड़चनों के बारे में चर्चा की गई है।

संदर्भ

यूनाइटेड किंगडम के साथ भारत के संबंधों की वर्तमान स्थिति उनकी संभावनाओं के बारे में दोनों देशों में व्याप्त निराशा के विपरीत है।

उपनिवेशवाद की प्रतिकूल विरासतों ने अतीत में दोनों पक्षों के लिये एक विवेकपूर्ण संबंध को आगे बढ़ाना असंभव बना रखा था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में भारत और UK ने भावना एवं असंतोष को पीछे रखते हुए एक आशाजनक और व्यावहारिक संलग्नता की शुरुआत की है।

दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की देखरेख में दोनों देशों की नौकरशाही वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय संबंधों को रूपांतरित कर सकने के लिये एक रोडमैप पर कार्य कर रही है।

UK के साथ भारत के संबंधों में हाल की प्रगति

उन्नत भारत-UK संबंधों में अन्य देशों की भूमिका

भारत-UK साझेदारी क्यों महत्त्वपूर्ण है?

भारत-UK संबंधों में प्रमुख अड़चनें क्या रही हैं?

भारत-ब्रिटेन संबंधों को कैसे मज़बूत किया जा सकता है?

अभ्यास प्रश्न: ‘‘नई भू-राजनीतिक वास्तविकताएँ UK और भारत से एक नई रणनीतिक दृष्टि की मांग रखती हैं। यह अवसर का लाभ उठाने और एक ऐसी साझेदारी की नींव रखने का उपयुक्त समय है जो 21वीं सदी की चुनौतियों का सक्षमता से मुकाबला कर सके।’’ टिप्पणी कीजिये।