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सोशल मीडिया और युवा | 18 Oct 2021 | भारतीय समाज

यह एडिटोरियल 14/10/2021 को 'इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित ‘‘How do we protect youth in the Digital Age?’’ लेख पर आधारित है। इसमें सोशल मीडिया मंचों के दुष्प्रभावों से युवाओं की रक्षा के लिये इन्हें विनियमित किये जाने की आवश्यकता पर चर्चा की गई है।

संदर्भ

हाल ही में, इंस्टाग्राम और इसकी पैरेंट कंपनी फेसबुक को तब सार्वजनिक रोष का सामना करना पड़ा, जब कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि उनके उपयोग का युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। फेसबुक के ‘व्हिसल ब्लोअर’ फ्रांसेस हौगेन (Frances Haugen) ने भी यह खुलासा किया कि बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य की तुलना में लाभ को उच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसने युवाओं पर ऐसे सोशल मीडिया ऐप्स और वेबसाइटों के प्रभाव को उजागर किया है।

सोशल मीडिया के सकारात्मक प्रभाव

सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव

आगे की राह

निष्कर्ष

युवाओं पर डिजिटल तकनीक के प्रभाव का मूल्यांकन महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि ये प्रभाव उनके वयस्क व्यवहार और भविष्य के समाजों के व्यवहार को आकार प्रदान करेंगे। यह जानना दिलचस्प होगा कि बिल गेट्स और स्टीव जॉब्स जैसे तकनीकी क्षेत्र के दिग्गजों ने अपने बच्चों की प्रौद्योगिकी तक पहुँच को गंभीरता से नियंत्रित रखा था।    

सभी प्रौद्योगिकियों के स्पष्ट लाभ और संभावित हानिकारक प्रभाव होते हैं। जैसा कि जीवन के अधिकांश विषयों पर लागू होता है, सोशल मीडिया के उपयोग में भी अति से बचने और उसका संतुलित उपयोग करने में ही समस्या का समाधान निहित हो सकता है। 

अभ्यास प्रश्न: 'सोशल मीडिया वर्तमान समय में एक दोधारी तलवार है।' सोशल मीडिया मंचों के दुष्प्रभावों से युवाओं की रक्षा के लिये इन्हें विनियमित किये जाने की आवश्यकता पर चर्चा कीजिये।