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एलपीजी कनेक्शन: समस्या और समाधान | 10 Dec 2021 | शासन व्यवस्था

यह एडिटोरियल 09/12/2021 को द हिंदू में प्रकाशित “High LPG Prices are Scorching the Air Pollution Fight” लेख पर आधारित है। इसमें लाभार्थियों के लिये एलपीजी कनेक्शन की अनुपलब्धता से जुड़ी समस्याओं और इनके समाधान के लिये उठाए जा सकने वाले कदमों के संबंध में चर्चा की गई है।

संदर्भ

‘ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज़ स्टडी-2019’ के अनुसार, खाना बनाने के लिये ठोस ईंधन का उपयोग भारत में वायु प्रदूषण और और इसके कारण होने वाली समय-पूर्व मौतों (प्रति वर्ष लगभग 600,000  से अधिक) का एक प्रमुख कारक हैं। 

इस समस्या से निपटने और स्वच्छ रसोई ऊर्जा तक पहुँच में सुधार करने हेतु भारत सरकार ने कई उपाय किये हैं, जैसे कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) योजना जिसके तहत 80 मिलियन से अधिक सब्सिडीयुक्त एलपीजी कनेक्शन वितरित किये गए।  

किंतु एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में निरंतर वृद्धि एक वर्ष से अधिक समय से कई परिवारों के बजट को प्रभावित कर रही है।

कम आय वाले परिवारों के लिये एलपीजी रिफिल पर सब्सिडी बहाल करने से उन्हें प्रदूषणकारी पारंपरिक रसोई ईंधन की ओर पुनः पलायन करने से रोका जा सकता है।

भारत की एलपीजी क्रांति

आगे की राह

निष्कर्ष

PMUY और उज्ज्वला 2.0 जैसी कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ स्वच्छ रसोई ऊर्जा को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हालाँकि, भारतीय परिवारों को प्रदूषणकारी ठोस रसोई ईंधन से दूर रखने और योजनाओं में किये गए निवेश के लाभों को प्राप्त करने के लिये वहनीयता (सस्ते मूल्य) की सुनिश्चितता और रिफिल के लिये एलपीजी सिलिंडर की समयबद्ध उपलब्धता आवश्यक है। इस तरह के प्रयास आबादी के स्वास्थ्य एवं कल्याण में सुधार के लिये भी व्यापक रूप से लाभदायक सिद्ध होंगे।

अभ्यास प्रश्न: भारतीय परिवारों को प्रदूषणकारी ठोस रसोई ईंधन से दूर रखने और योजनाओं में किये गए निवेश के लाभों को प्राप्त करने के लिये वहनीयता (सस्ते मूल्य) की सुनिश्चितता और रिफिल के लिये एलपीजी सिलिंडर की समयबद्ध उपलब्धता आवश्यक है। टिप्पणी कीजिये।