डेली अपडेट्स

ग्रेट बैरियर रीफ के लिये राहत की खबर | 02 May 2018 | जैव विविधता और पर्यावरण

चर्चा में क्यों?

दुनिया की सबसे बड़ी एवं विलक्षण मूंगे की चट्टानों के लिये मशहूर ‘ग्रेट बैरियर रीफ’ को बचाने के लिये ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर आवंटित करने का निर्णय लिया है। यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित ग्रेट बैरियर रीफ लंबे समय से प्रदूषण, कोरल ब्लीचिंग और क्राउन ऑफ थोर्न नामक स्टार फिश के हमलों के कारण क्षतिग्रस्त हो रही है। इस धनराशि का इस्तेमाल समुद्री जल की गुणवत्ता बढ़ाने, स्टार फिश को नियंत्रित करने, कोरल की संख्या में वृद्धि करने तथा पानी के भीतर निगरानी में वृद्धि करने हेतु किया जाएगा। इस धनराशि का कुछ हिस्सा तटीय इलाके में गन्ने की खेती और पशुपालन करने वाले किसानों को भी दिया जाएगा, ताकि रीफ को कीटनाशक और अन्य हानिकारक पदार्थों से बचाने हेतु किसान इसका इस्तेमाल खेती के तरीकों में बदलाव लाने के लिये करें।

कोरल रीफ क्या होते हैं?

प्रवालों का वितरण

दुनिया का सबसे बड़ा कोरल रीफ सिस्टम

अनेकों जीवों का घर

प्रवाल भित्तियों के प्रकार

इनकी उपयोगिता क्या हैं?

समस्याएँ क्या हैं?

कोरल ब्लीचिंग क्या है?

विषैली स्टारफिश से उत्पन्न होने वाली समस्या

उष्णकटिबंधीय चक्रवात के कारण

जलवायु परिवर्तन से क्या प्रभाव पड़ता है?

महासागरीय अम्लीकरण (Ocean Acidification)

प्रवाल द्वीप के विनाश को रोकने हेतु उपाय

ऑस्ट्रेलियाई संदर्भ में वै‍ज्ञानिकों का क्या कहना है?

भारत में प्रवाल भित्तियाँ

प्रश्न: हाल ही में प्रवाल भित्तियों की रक्षा हेतु ऑस्ट्रेलियाई सरकार द्वारा लिये गए निर्णय के संदर्भ में इनके अर्थ, उपयोगिता, समस्याओं एवं वितरण के विषय में संक्षेप में चर्चा कीजिये। साथ ही यह भी स्पष्ट कीजिये कि जलवायु परिवर्तन एवं महासागरीय अम्लीकरण के कारण इन पर क्या प्रभाव पड़ता है तथा इनके बचाव हेतु क्या किया जा सकता है?