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क्रिप्टो-करेंसी विनिमय: आवश्यकता और चुनौतियाँ | 04 Jun 2020 | भारतीय अर्थव्यवस्था

इस Editorial में The Hindu, The Indian Express, Business Line आदि में प्रकाशित लेखों का विश्लेषण किया गया है। इस लेख में क्रिप्टो-करेंसी विनिमय व उससे संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है। आवश्यकतानुसार, यथास्थान टीम दृष्टि के इनपुट भी शामिल किये गए हैं।

संदर्भ 

कुछ दिन पूर्व ही सर्वोच्च न्यायालय ने 6 अप्रैल, 2018 को जारी किये गए भारतीय रिज़र्व बैंक के सर्कुलर को रद्द करके देश में क्रिप्टो एक्सचेंजों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। इस सर्कुलर ने व्यापारियों और एक्सचेंजों की बैंकिंग प्रणाली तक पहुँच को बाधित कर दिया था। व्यापार का संचालन करने में असमर्थ कई एक्सचेंज अन्य देशों में स्थानांतरित हो गए या उन्होंने यहाँ अपना कारोबार बंद कर दिया था। परंतु सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय से कुछ एक्सचेंज वापस आ गए है।

विदित है कि मुद्रा के आविष्कार से पहले लोग वस्तु विनिमय प्रणाली के ज़रिये वस्तुओं का लेन-देन किया करते थे लेकिन जैसे-जैसे तकनीक उन्नत होती गई व्यापार के तरीकों में भी बदलाव आता गया। आभासी मुद्रा (virtual currency) का लगातार बढ़ रहा प्रचलन 21वीं सदी के सबसे महत्त्वपूर्ण बदलावों में से एक है, परंतु विकेंद्रीकृत प्रकृति और विनियमन की कमी, उपयोगकर्त्ताओं की गोपनीयता और केंद्रीय प्राधिकरण की कमी आभासी मुद्रा के प्रबंधन को चुनौतीपूर्ण बनाती है।

इस आलेख में क्रिप्टो क्रिप्टो-करेंसी, उसके प्रकार, क्रिप्टो-करेंसी की लोकप्रियता के कारण, क्रिप्टो-करेंसी से लाभ, उसकी चुनौतियाँ तथा क्रिप्टो-करेंसी विनिमय केंद्र के महत्त्व पर विमर्श किया जाएगा

क्या है क्रिप्टो-करेंसी?

क्या है फिएट और नॉन-फिएट क्रिप्टो-करेंसी?

ब्लॉकचेन क्या है?

क्रिप्टो-करेंसी की लोकप्रियता के कारण

क्रिप्टो-करेंसी से लाभ

क्रिप्टो-करेंसी का प्रचलन हानिकारक क्यों?

क्या है वर्तमान स्थिति?

क्रिप्टो-करेंसी का विनियमन

क्रिप्टो-करेंसी विनिमय केंद्र का महत्त्व 

आगे की राह

प्रश्न- क्रिप्टो-करेंसी से आप क्या समझते हैं? क्रिप्टो-करेंसी से जुड़ी चिंताओं का उल्लेख करते हुए क्रिप्टो-करेंसी विनिमय केंद्र के महत्त्व का विश्लेषण कीजिये।