डेली अपडेट्स

प्लास्टिक कचरा : खतरे की घंटी | 25 Apr 2018 | जैव विविधता और पर्यावरण

संदर्भ
दशकों पहले लोगों की सुविधा के लिये प्लास्टिक का आविष्कार किया गया लेकिन धीरे-धीरे यह अब पर्यावरण के लिये ही नासूर बन गया है। प्लास्टिक और पॉलीथीन के कारण पृथ्वी और जल के साथ-साथ वायु भी प्रदूषित होती जा रही है। हाल के दिनों में मीठे और खारे दोनों प्रकार के पानी में मौजूद जलीय जीवों में प्लास्टिक के केमिकल से होने वाले दुष्प्रभाव नज़र आने लगे हैं। इसके बावजूद प्लास्टिक और पॉलीथीन की बिक्री में कोई कमी नहीं आई है।

प्लास्टिक प्रदूषण

वर्तमान स्थिति की बात करें तो

प्लास्टिक निर्माण की दर

इस समस्या के निवारण हेतु किये जा रहे प्रयास 

प्लास्टिक को खत्म करने हेतु एंजाइम

इस खोज के लाभ क्या-क्या होंगे ?

समुद्र से कचरा छानने की विधि

समुद्र में कचरा फैलाने वाले देश
चीन 88 लाख मीट्रिक टन
इंडोनेशिया 32 लाख मीट्रिक टन
फिलीपींस 19 लाख मीट्रिक टन
वियतनाम 18 लाख मीट्रिक टन
श्रीलंका 16 लाख मीट्रिक टन
मिश्र 10 लाख मीट्रिक टन
थाईलैंड 10 लाख मीट्रिक टन
मलेशिया 09 लाख मीट्रिक टन
नाइजीरिया 09 लाख मीट्रिक टन
बांगलादेश 08 लाख मीट्रिक टन
अमेरिका 03 लाख मीट्रिक टन

प्लास्टिक के विरुद्ध जंग के कुछ विशेष उदाहरण

राष्ट्रीय स्तर पर

वैश्विक स्तर पर

समुद्री जीवों पर संकट

महासागरीय प्रदूषण के दुष्परिणाम

महासागरों को प्रदूषणमुक्त करने हेतु प्रयास

निष्कर्ष
दुनिया भर में प्रदूषण की समस्या में दिनोंदिन बढ़ोतरी होती जा रही है। इसमें भी प्लास्टिक एक समस्या है जो सबसे अधिक चिंताजनक है क्योंकि यह एक ऐसा पदार्थ होता है जिसे नष्ट होने में काफी समय लगता है। केवल इतना ही नहीं इसके कारण पानी से लेकर हवा और भूमि सभी प्रदूषित होते हैं। महासागर पर शोध करने वाले डॉ. मार्कस एरिक्सन का कहना है कि हमें प्लास्टिक रिसाइकिलंग के बारे में गंभीरता से सोचना होगा और व्यक्तिगत रूप से भी अपनी ज़िम्मेदारी का निर्वाह करना पड़ेगा, तभी यह धरती सुरक्षित रह सकती है। स्पष्ट रूप से हमें इस दिशा में और अधिक गंभीरता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।

प्रश्न: क्या प्रदूषण की बढ़ती समस्या मानव की महत्त्वकांक्षाओं का परिणाम है? बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण के संदर्भ में राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर क्या कदम उठाए गए हैं? साथ ही यह भी बताएँ कि इस संदर्भ में क्या ज़रुरी उपाय किये जाने चाहिये?