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विविधतापूर्ण भारतीय मानसून | 03 Jun 2020 | भूगोल

इस Editorial में The Hindu, The Indian Express, Business Line आदि में प्रकाशित लेखों का विश्लेषण किया गया है। इस लेख में भारतीय मानसून व उससे संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है। आवश्यकतानुसार, यथास्थान टीम दृष्टि के इनपुट भी शामिल किये गए हैं।

संदर्भ 

वैश्विक महामारी COVID-19 के प्रसार के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department-IMD) ने मानसूनी वर्षा का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। मानसून अपने निर्धारित समय 1  जून को केरल के तट पर दस्तक दे चुका है। केरल में अच्छी वर्षा हो रही है और देश के अन्य हिस्सों में भी अच्छी वर्षा का अनुमान है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 'दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में पूरी तरह सक्रिय हो गया है। 

इससे पूर्व भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) की सक्रियता के कारण मानसून के आगमन में देरी का अनुमान व्यक्त किया था, परंतु एक निज़ी मौसम विज्ञान कंपनी ने अम्फान चक्रवात के प्रभाव का अध्ययन कर मानसून के समय से पूर्व आने का पूर्वानुमान व्यक्त किया था। तत्पश्चात भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अपने पूर्वानुमान को संशोधित करते हुए 1 जून को मानसून के आगमन का समय निर्धारित किया। इस प्रकार की घटनाएँ भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान पर संदेह व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती हैं।    

इस आलेख में भारतीय मानसून, उसकी कार्यप्रणाली, भारतीय मानसून को प्रभावित करने वाले कारक, सामान्य मानसून के लाभ तथा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की कार्यप्रणाली पर विमर्श करने का प्रयास किया जाएगा।

मानसून से तात्पर्य

मानसून की उत्पत्ति 

मानसून का पूर्वानुमान कैसे?

मानसून को प्रभावित करने वाले कारक

ला-नीना 

हिंद महासागर द्विध्रुव 

मेडेन जुलियन ऑस्किलेशन

चक्रवात निर्माण

जेट स्ट्रीम

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग 

सामान्य मानसून के संभावित लाभ 

प्रश्न- मानसून से आप क्या समझते हैं? भारतीय मानसून की उत्पत्ति व उसे प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिये।