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भारत में टिड्डी दल का हमला | 29 May 2020 | कृषि

इस Editorial में The Hindu, The Indian Express, Business Line आदि में प्रकाशित लेखों का विश्लेषण किया गया है। इस लेख में भारत में टिड्डी दल का हमला व उससे संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है। आवश्यकतानुसार, यथास्थान टीम दृष्टि के इनपुट भी शामिल किये गए हैं।

संदर्भ 

पिछले कुछ दिनों में एशिया और अफ्रीका महाद्वीप के एक दर्जन से अधिक देशों में टिड्डी दल (locust swarms) ने फसलों पर हमला किया है। संयुक्त राष्ट्र संघ का मानना है कि तीन क्षेत्रों यथा-अफ्रीका का हॉर्न क्षेत्र, लाल सागर क्षेत्र, और दक्षिण-पश्चिम एशिया में स्थिति बेहद चिंताजनक है। अफ्रीका का हॉर्न क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है। इथियोपिया और सोमालिया से टिड्डी दल दक्षिण में केन्या और महाद्वीप के 14 अन्य देशों में पहुँच चुके हैं। लाल सागर क्षेत्र में सऊदी अरब, ओमान और यमन पर टिड्डियों के दल ने हमला किया है, तो वहीँ दक्षिण पश्चिम एशिया में ईरान, पाकिस्तान और भारत में टिड्डियों के झुंडों ने फसल को भारी नुकसान पहुँचाया है।

भारत में राजस्थान, गुजरात और पंजाब के सीमावर्ती गाँवों में भारी मात्रा में टिड्डियों के झुंड आ चुके हैं, जिससे खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुँचा है। प्रभावित राज्य की सरकारों को टिड्डी हमलों के विरुद्ध उच्च सतर्कता बरतने के लिये लगातार परामर्श दिया जा रहा है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में आतंक मचाने के बाद टिड्डियों का दल उत्तर प्रदेश के झांसी पहुँच गया है। कृषि विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, यह दल लगभग एक किलोमीटर के इलाके में फैला हुआ है। टिड्डियों के हमले की आशंका के मद्देनज़र दमकल वाहनों को पहले से ही तैयार किया गया था और इन कीटों को भगाने के लिये कीटनाशकों का गहन छिड़काव किया जा रहा है।

टिड्डी दल 

भारत में टिड्डियों की प्रजाति

रेगिस्तानी टिड्डी:

क्या समय से पूर्व टिड्डियों का हमला पहली बार हुआ?

टिड्डियों और जलवायु परिवर्तन के बीच संबंध

बचाव की बेहतर तैयारी कैसे?

टिड्डी चेतावनी संगठन

(Locust Warning Organization-LWO)

निष्कर्ष 

वैश्विक तापन बाढ़ एवं महामारी जैसी विषम आपदाओं को आमंत्रित करता है और आपदाओं को तीव्रता भी प्रदान करता है। वैश्विक तापन के कारण ही टिड्डियों की संख्या में तीव्र वृद्धि हुई। सभी देशों को वैश्विक तापन को कम करने की दिशा में मिलकर प्रयास करना चाहिये। टिड्डियों के हमले के रोकथाम के लिये निगरानी, सर्वेक्षण और नियंत्रण की रणनीति पर काम करना चाहिये।

प्रश्न- भारत में टिड्डी दल की प्रजातियों का उल्लेख करते हुए टिड्डियों और जलवायु परिवर्तन के बीच संबंध को परिभाषित कीजिये। इसके साथ ही टिड्डी दल के हमले को नियंत्रित करने के लिये किये जाने वाले उपायों का विश्लेषण कीजिये।